पुलिस लाइन में बैठक करते पुलिस अधिकारी। सौ पुलिस
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के मद्देनजर से रविवार को पुलिस लाइन में बैठक आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त ने बैठक में सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वह सड़क दुर्घटना में घायल को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर मृत्यु दर में कमी लाने पर काम करेंगे।
इस दौरान यह भी बताया गया कि जो व्यक्ति घायल को अस्पताल ले जाएगा उसे कानूनी परेशानी से मुक्त रखा जाएगा और इनाम के रूप में 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं घायल को निकटतम सरकारी या निजी अस्पताल में 1.50 लाख रुपये तक और अधिकतम सात दिन तक निश्शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
बैठक में सभी थाना प्रभारियों, जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) कार्यक्रम के अंतर्गत चिह्नित 14 थानों की क्रिटिकल कॉरिडोर (सीसी) टीमों के प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद प्रारंभिक एक घंटे के भीतर यदि घायल को त्वरित और समुचित इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
यह उद्देश्य जेडएफडी कार्यक्रम के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। इस दौरान सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वह सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। बैठक में कैशलेस ट्रीटमेंट आफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम स्कीम–2025 की विस्तार से जानकारी दी गई।
योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निकटतम सरकारी या निजी अस्पताल में 1.50 लाख रुपये तक और अधिकतम सात दिन तक निश्शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से किसी भी घायल को इलाज से वंचित न रहना पड़े।
25,000 की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान
दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को गुड सेमेरिटन कानून के अंतर्गत किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से मुक्त रखा जाएगा। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए 25,000 की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिससे लोग बिना भय के मानवता के नाते घायलों की सहायता के लिए आगे आएं।
बैठक में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। इस प्रणाली के तहत सड़क दुर्घटनाओं का विज्ञानी और डिजिटल डाटा एकत्रित किया जाता है। जिससे दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में प्रभावी रोकथाम संभव हो सकेगी। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में योजना और संबंधित कानूनों के बारे में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। |
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