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Chaitra Navratri 2026 Date: कब से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र? यहां पढ़ें घटस्थापना का मुहूर्त और धार्मिक महत्व

LHC0088 2026-1-12 10:27:21 views 804
  

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का शुभ मुहूर्त (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 04 मार्च से चैत्र माह की शुरुआत होगी। सनातन धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026) की शुरुआत होती है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की साधना करने से जीवन में आ रहे संकट दूर होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
चैत्र नवरात्र 2026 डेट (Chaitra Navratri 2026 Start and End Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को है। इसी दिन से चैत्र नवरात्र शुरू होंगे और समापन 27 मार्च को होगा।

  

(Image Source: AI-Generated)
चैत्र नवरात्र 2026 कलश स्थापन मुहूर्त (Chaitra Navratri 2026 Kalash Sthapana Muhurat)

चैत्र नवरात्र के दिन प्रथम दिन विधिपूर्वक कलश स्थापन की जाती है। ऐसे में 19 मार्च को घटस्थापना की जाएगी।
घटस्थापना मुहूर्त - 06 बजकर 52 मिनट से 07 बजकर 46 मिनट
घटस्थापना अभिजित मुहूर्त - 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट
शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट पर
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक
चैत्र नवरात्र का धार्मिक महत्व

चैत्र नवरात्र के पहले दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन से भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत भी किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्र व्रत करने से नकारात्मकता से छुटकारा मिलता है और घर में मां दुर्गा का आगमन होता है। चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। इसलिए चैत्र नवरात्र का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। चैत्र नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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