जागरण संवाददाता, संभल। एफएलसी कंपनी के नाम पर निवेशकों से की गई ठगी के मामले में आरोपित जावेद हबीब ने दबाव बढ़ने के बाद रकम वापसी की प्रक्रिया काफी समय पूर्व शुरू कर दी थी, जिसमें 43 निवेशकों में से 18 को रुपये वापस किए जा चुके हैं और उनके शपथ पत्र भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
हालांकि, शेष 25 निवेशकों को 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। जबकि इससे पहले 25 दिसंबर का समय दिया गया था। वहीं पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई है।
दरअसल, सितंबर 2023 में संभल के एक होटल में हुए भव्य सेमिनार में दिल्ली निवासी और देश के मशहूर हेयर स्टाइलिश जावेद हबीब अपने बेटे अनोस के हबीब के साथ पहुंचे थे।
रायसत्ती निवासी सैफुल के साथ जावेद हबीब ने एमएफएल कंपनी में निवेश के बदले सेमिनार में मौजूद करीब 150 लोगों को डालर में मोटा मुनाफा और हर महीने ब्याज देने का वादा किया था।
इसी तरह मार्च 2024 में भी जावेद हबीब ने मौजूद लोगों से वादे कर कंपनी में रकम लगवाई थी। तय समय तक ब्याज व बाद में दोगुनी रकम न मिलने पर निवेशकों को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। जिसके बाद निवेशकों ने एसपी कृष्ण कुमार से मिलकर शिकायत की।
शुरुआती जांच में पता चला कि 43 निवेशकों ने करीब दो करोड़ रुपये कंपनी में निवेश कराए थे। इसी के आधार पर रायसत्ती थाने में जावेद हबीब, उसके बेटे अनोस और सहयोगी सैफुल के खिलाफ अलग-अलग तारीखों में 32 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें कुछ प्राथमिकी संयुक्त तो कुछ में एक-एक पीड़ित थे।
चार अक्टूबर को आठ दिन का नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई आरोपित पेश नहीं हुआ। 13 अक्टूबर को न्यायालय से सर्च वारंट जारी हुआ। 14 अक्टूबर को रायसत्ती थाना पुलिस ने जावेद हबीब के दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी स्थित उसके आवास पर दबिश दी, लेकिन कोई आरोपित नहीं मिला।
मामले में पुलिस लुक आउट नोटिस जारी कर चुकी है। विवेचक पवित्र परमार का कहना है कि 18 लोगों के शपथ पत्र अधिवक्ता द्वारा प्राप्त हुए हैं। बाकी लोगों को 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। अगर तय समय सीमा में रकम नहीं लौटाई तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। |
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