जिंदा पेंशनधारियों को किया गया मृत घोषित, सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर संकट
संवाद सूत्र, जयपुर (बांका)। कटोरिया प्रखंड में बड़ी संख्या में ऐसे मामले उजागर हुए हैं, जहां जीवित पेंशनधारियों को कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई। इससे न सिर्फ बुजुर्ग लाभुक परेशान हैं, बल्कि विभागीय स्तर पर भी अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कराया गया था। इसी सत्यापन के आधार पर जीवित लाभुकों की पेंशन चालू रखी गई और मृत बताए गए लोगों की पेंशन बंद कर दी गई, लेकिन बाद की जांच में सामने आया कि कई मामलों में बिना स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किए ही टेबल रिपोर्ट के आधार पर पेंशनधारियों को मृत घोषित कर दिया गया।
चर्चा यह भी है कि कुछ मामलों में कथित नजराना नहीं मिलने के कारण भी जीवित लाभुकों को मृत दिखा दिया गया।
लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र जारी कर ऐसे सभी मामलों में तत्काल भौतिक सत्यापन कराने, पेंशन बहाल करने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में जयपुर पंचायत में दो महिला पेंशनधारियों को जीवित रहते मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया है। जयपुर निवासी स्वर्गीय माधव दत्त की 80 वर्षीय पत्नी सुमित्रा दत्त की पेंशन कई महीनों से बंद है। जांच में पता चला कि उन्हें कागजों में मृत दिखा दिया गया था। वहीं बिशनपुर गांव निवासी गुलटन पंडित की पत्नी देवंती देवी की पेंशन भी मृत दर्शाकर रोक दी गई।
सामाजिक सुरक्षा सहायक निदेशक अभय कुमार सिंह ने बताया कि नई नियमावली के तहत अब बिना मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी पेंशनधारी को मृत घोषित नहीं किया जा सकेगा।
अमृत पेंशनधारियों का पुनः भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर पेंशन बहाल की जाएगी तथा दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। - देवाशीष कुमार, बीडीओ, कटोरिया |