खेसारी लाल यादव एवं रितेश पांडेय।
डिजिटल डेस्क, पटना। Bhojpuri Stars in Politics: पहले खेसारीलाल यादव और अब रितेश पांडेय। दोनों भोजपुरी स्टार का राजनीति से मोहभंग हो गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद दोनों सितारे राजनीति से अलग हो गए हैं। फिल्मों में बुराई और अत्याचार के खिलाफ लड़ने वाले इन स्टार को राजनीति रास नहीं आई।
खेसारी लाल यादव ने तो यहां तक कह दिया कि राजनीति ईमानदार लोगों के लिए नहीं है। जो झूठ बोलना जानता है, लोगों को बेवकूफ बनाना जानता है, राजनीति उसी के लिए है। वही राजनीति में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि वे कलाकार ही ठीक हैं। खेसारीलाल छपरा से विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने उतरे थे। इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चार दिनों बाद अब रितेश पांडेय ने भी प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज छोड़ने का ऐलान कर दिया है। एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने अपनी भावना सार्वजनिक की है।
रोहतास के करगहर विधानसभा क्षेत्र चुनाव मैदान में वे उतरे थे। उन्होंने लिखा है कि परिणाम अनुकूल नहीं आया, इसका कोई अफसोस नहीं है।
अपना काम ईमानदारी से किया, लेकिन राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना मुश्किल है, इस कारण जन सुराज की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।
इस तरह से खेसारीलाल यादव के बाद रितेश पांडेय भी एक तरह से राजनीति के मैदान से बाहर हो चुके हैं। चुनावी समर में उतरे इन सितारों ने एक-दूसरे पर खूब शब्दबाण चलाए थे।
आम तौर पर निरहुआ, रवि किशन, मनोज तिवारी, पवन सिंह, खेसारीलाल यादव में काफी करीबी दिखती थी, लेकिन चुनाव के समय तीखी बयानबाजी ने इनके संबंधों को प्रभावित किया।
भोजपुरी फिल्म कलाकार और गायक की बात करें तो बिहार से मनोज तिवारी और पवन सिंह अब भी सक्रिय हैं। पवन सिंह भले जनप्रतिनिधि नहीं बने हों लेकिन भाजपा के साथ उनकी करीबी चर्चा में रहती है।
इस बार के चुनाव में खेसारी और रितेश पांडेय के अलावा कला जगत से भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह और मैथिली ठाकुर ने भी किस्मत आजमायी।
इनमें सीमा सिंह का पत्ता चुनाव लड़ने से पहले ही कट गया, जबकि मैथिली ठाकुर को जनसमर्थन मिला और कम उम्र में ही वे माननीय बन गईं।
लोगों का कहना है कि पुराने कलाकारों को जनता का खूब स्नेह मिलता था, लेकिन नए कलाकारों के प्रति वह जोश जुनून नहीं दिखता।
शायद यही कारण है कि भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार कहे जाने वाले खेसारीलाल और रितेश को जनता का समर्थन नहीं मिल सका। |
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