अंत्येष्टी स्थल की भूमि को बचाने के लिए पार्षद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। इंदिरापुरम में अंत्येष्टी स्थल की भूमि को बचाने के लिए पार्षद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ बिल्डर अधिकारियों से मिलकर भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। जीडीए ने इस जमीन को अपने इंदिरापुरम के नक्शे में शामिल किया था।
मकनपुर के एक निवासी वकील को आरटीआई के जवाब में जीडीए ने कहा था कि यह जमीन अंत्येष्टी स्थल के लिए आवंटित की गई थी। उनका आरोप है कि हालांकि कोर्ट में जमा किए गए हलफनामे में जीडीए ने यह जिक्र नहीं किया कि यह जमीन इंदिरापुरम हैंडओवर प्लान का हिस्सा है। जबकि वह कई वर्षों से अंत्येष्टी स्थल के लिए इसके आवंटन की पुष्टि करने वाला हलफनामा दे सकता था।
कई वर्षों से इंदिरापुरम में एक श्मशान घाट मृतकों के अंतिम संस्कार का स्थान रहा है। यहां पर जीडीए ने शुरू में बेहतर प्रबंधन के लिए एक चारदीवारी बनाई और एक शेड लगाया। गंगाजल की भी व्यवस्था की गई थी। नगर निगम को सौंपने के बाद शवों को ले जाने के लिए एक सड़क और सीएनजी से चलने वाली शव वाहन पर काम शुरू होना था। उसी समय एक स्थानीय बिल्डर ने इसे हटाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। श्मशान घाट पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। |
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