भिवानी में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, भिवानी। जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते जनजीवन के साथ-साथ लोगों का स्वास्थ्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सोमवार को फिजिशियन ओपीडी के बाहर खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की तकलीफ से जूझते मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। निमोनिया और हृदय रोगियों का बढ़ा ग्राफ: बढ़ती ठंड के कारण वायरल संक्रमण के मामले तेजी से फैले हैं।
ओपीडी में रोजाना आने वाले 400 मरीजों में से 25 से 30 मरीज निमोनिया से ग्रसित मिल रहे हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। इसके अलावा, हृदय रोगियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। प्रतिदिन करीब 15 मरीज सीने में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड में रक्त धमनियां सिकुड़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना मुख्य कारण: चिकित्सकों का कहना है कि तापमान गिरने और कोहरे के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर हो गई है। प्रदूषण और धूप की कमी संक्रमण को बढ़ावा दे रही है। ठंडा पानी पीना, गर्म कपड़ों की कमी और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क न लगाना संक्रमण फैलने के मुख्य कारण हैं।
डॉक्टर की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान
सुबह-शाम बाहर निकलते समय सिर, कान और मुंह को ढककर रखें।
गुनगुने पानी का सेवन करें और ताज़ा भोजन ही खाएं।
हृदय रोगी और बुजुर्ग अपनी नियमित दवाएं समय पर लें।
भीड़भाड़ में मास्क का प्रयोग करें और स्वच्छता का ध्यान रखें।
भिवानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज सीनियर फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में दवाइयों और जांच की समुचित व्यवस्था है। सर्दी के मौसम में सावधानी ही बचाव है। यदि तेज बुखार या सीने में जकड़न महसूस हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें। |