पीटीआई, ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) अपनी ही रणनीति में उलझता हुआ नजर आ रहा है। एक बार फिर उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने सोमवार को दावा किया कि आईसीसी ने टी-20 विश्व कप के लिए भारत यात्रा को लेकर उनके देश की सुरक्षा चिंताओं को स्वीकार किया है, लेकिन क्रिकेट की वैश्विक संस्था ने इस दावे को पूरी तरह झूठ करार दिया।
बांग्लादेश ने सात फरवरी से शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए भारत दौरे को लेकर अनिच्छा जताई है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच सहमेजबान श्रीलंका में कराने की मांग की है। यह मामला तब उठा जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल से रिलीज किया गया, जिसमें अस्पष्ट परिस्थितियों का हवाला दिया गया था।
नजरुल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नजरुल ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि आईसीसी की सुरक्षा टीम और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बीसीबी को एक पत्र भेजा है। उस पत्र में कहा गया है कि तीन बातें बांग्लादेश टीम के लिए सुरक्षा खतरे को बढ़ा सकती हैं। पहली, अगर मुस्तफिजुर को बांग्लादेश टीम में शामिल किया जाता है। दूसरी, अगर बांग्लादेश के समर्थक राष्ट्रीय जर्सी पहनकर घूमते हैं। और तीसरी, जैसे-जैसे बांग्लादेश चुनाव नजदीक आएंगे, टीम के लिए सुरक्षा खतरा बढ़ेगा।
हालांकि, आईसीसी ने बीसीबी से संपर्क होने की बात स्वीकार की, लेकिन नजरुल के इस दावे को खारिज कर दिया कि वैश्विक संस्था ने बांग्लादेश की बताई गई चिंताओं को स्वीकार किया है। आईसीसी के एक सूत्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा किए गए आईसीसी के स्वतंत्र जोखिम आकलन इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचते हैं कि बांग्लादेश भारत में अपने निर्धारित मैच नहीं खेल सकता।
भारत ने की पूरी तैयारी
भारत में टूर्नामेंट के लिए समग्र सुरक्षा जोखिम को कम से मध्यम आंका गया है, जो विश्व स्तर के कई बड़े खेल आयोजनों के अनुरूप है। इन आकलनों में भारत में बांग्लादेश टीम, टीम अधिकारियों या मैच स्थलों के लिए किसी भी प्रकार के विशिष्ट या प्रत्यक्ष खतरे की पहचान नहीं की गई है। पेशेवर सलाह के आधार पर कोलकाता और मुंबई में बांग्लादेश के निर्धारित मुकाबलों से जुड़ा जोखिम कम से मध्यम आंका गया है और ऐसा कोई संकेत नहीं है कि इन जोखिमों को स्थापित सुरक्षा योजना और शमन उपायों के जरिए प्रभावी ढंग से प्रबंधित नहीं किया जा सकता।
कुछ मीडिया रिपोर्टों ने आकस्मिक योजना को वास्तविक जोखिम के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया है, जबकि ऐसा नहीं है। ऐसी परिदृश्य योजना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होती है, ताकि तैयारी सुनिश्चित की जा सके और सभी संभावित परिस्थितियों पर विचार किया जा सके। पेशेवर सुरक्षा आकलन में मानक अभ्यास के तौर पर व्यापक काल्पनिक परि²श्यों पर विचार किया जाता है। ये परि²श्य तथ्यात्मक बयान, निर्देश या अपेक्षाएं नहीं होते और न ही ये टीम चयन, समर्थकों के व्यवहार या घरेलू राजनीतिक प्रक्रियाओं को लेकर आईसीसी द्वारा तय की गई शर्तों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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