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जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में अगर मस्जिद है तो वहां मंदिर भी बनना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर उनका एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए सुने जा रहे हैं। देवकीनंदन ठाकुर खुर्जा में जंक्शन मार्ग स्थित शारदा जैन अतिथि भवन में रविवार को प्रवचन कर रहे थे। प्रसारित वीडियो में देवकीनंदन ठाकुर कह रहे हैं कि आपके बच्चों के सिर पर शिखा नहीं है। हाथों में कलावा नहीं है। माथे पर तिलक नहीं है। इसके बाद कथा सुनने आए एक श्रद्धालु की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि बैठे हो कथा में और तिलक लगाकर नहीं बैठे। तिलक के नाम पर एक बात याद आ गई। तुम्हारे जिले के बगल की बात है। अलीगढ़ में एक यूनिवर्सिटी है। इसके बाद लोग एएमयू बोलते सुनाई दे रहे हैं। देवकीनंदन कहते हैं कि नाम सुना है, हमें पता नहीं है। वहां एक सनातनी को काम पड़ गया। वह तिलक लगाकर चला गया। तिलक लगाकर जाने पर उसे वहां रोक दिया गया। फिर वह कहते हैं कि अगर तुम्हारी यूनिवर्सिटी का कोई नियम है तो ईमानदारी से हम तिलक नहीं लगाएंगे, लेकिन गारंटी लो तुम भी टोपी नहीं पहनोगे। भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। सबके लिए समान अधिकार हैं। अगर मेरे माथे पर तिलक नहीं तो तेरे सिर पर टोपी नहीं। अगर मैं रामायण नहीं पढ़ सकता तो तुम कुरान नहीं पढ़ोगे। यूनिवर्सिटी चलती किसके पैसे से है, सरकार के पैसे से चलती है। इसलिए हम कह रहे हैं कि अगर वहां मस्जिद है तो वहां मंदिर भी बनना चाहिए। अगर वहां टोपी है तो वहां तिलक भी लगना चाहिए। क्योंकि यह भारत मेरे राम का है और कृष्ण का है। |
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