भागलपुर के अस्पताल।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर अब शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी उनके घर के आसपास इलाज की सुविधा मिलने वाली है। सरकार ने इसे लेकर शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्वीकृति दे दी है। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में जमीन की तलाश के लिए सिविल सर्जन ने पत्र जारी कर दिया है। ये अस्पताल नगर पंचायत कहलगांव, हबीबपुर, सबौर, अकबरनगर, पीरपैती, अजगैवीनाथधाम और नवगछिया में बनाए जाएंगे। किस वार्ड में कितने अस्पताल बनेंगे, इसकी जानकारी मुख्यालय ने साझा की है।
नौ अस्पतालों का होगा निर्माण
इन सभी जगहों पर कुल नौ अस्पतालों का निर्माण होगा। इनमें कहलगांव के वार्ड संख्या 17 में एक, हबीबपुर के वार्ड संख्या 10 में एक, सबौर के वार्ड संख्या 10 में एक, अकबरनगर के वार्ड संख्या 11 में एक, पीरपैती के वार्ड संख्या 11 में एक, अजगैवीनाथधाम के वार्ड संख्या 28 में दो और नवगछिया के वार्ड संख्या 28 में दो भवनों का निर्माण होगा।
हालांकि विभाग ने इन सभी जगहों पर 11 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन मुख्यालय ने केवल नौ की स्वीकृति दी है।
शहर के अस्पतालों में कम होगी भीड़
नगर पंचायत के शहरी क्षेत्रों में अस्पतालों का निर्माण होने से मरीजों को राहत मिलेगी। अभी इन क्षेत्रों से मरीज सीधे जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल या सदर अस्पताल में इलाज कराने आते हैं। अब उन्हें घर के पास ही सुविधा मिलने से परेशानी कम होगी। यहां डॉक्टर, नर्स के साथ-साथ लगभग सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सीओ बन रहे बाधा, नहीं मिलती खाली जमीन
15वें वित्त आयोग की राशि से अस्पतालों का निर्माण होगा, जिसके लिए राशि की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रत्येक अस्पताल के लिए लगभग 2100 वर्ग फीट जमीन की आवश्यकता होगी। यहीं से विभाग के सामने समस्या उत्पन्न हो रही है। पिछली बार ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण के लिए भी सीओ को जमीन उपलब्ध कराने में चार साल से अधिक समय लग गया था। तब इस कार्य के लिए डीएम को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा था। अब जब शहरी क्षेत्र में जमीन की जरूरत है, तो समय पर जमीन मिल पाएगी या नहीं, इस पर सवाल उठ रहा है। इस बीच सबौर सीएचसी के पदाधिकारी ने सीओ सबौर से जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। जितनी जल्दी जमीन मिलेगी, उतनी ही जल्दी काम शुरू हो सकेगा।
अंडरग्राउंड केबल के जरिए आपस मे जुड़ेंगे मायागंज, मेडिकल कालेज व सिविल सर्जन उपकेंद्र
बिजली व्यवस्था को अधिक विश्वनीय और निर्बाध आपूर्ति के लिए आरडीएसएस योजना के तहत शहर में 33 हजार केबल को अंडरग्राउंड करने के साथ ही शहर के तीन प्रमुख विद्युत उपकेंद्र को आपस में जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा हो, इसके लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र के अभियंता लगातार निगरानी कर रहे हैं। तिलकामांझी सबडिवीजन के सहायक अभियंता समर कुमार के अनुसार शहरी क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मायागंज, मेडिकल कालेज और सिविल सर्जन पीएसएस को अंडरग्राउंड केबल के माध्यम से जोड़ा जाएगा। चयनित एजेंसी को 31 जनवरी तक कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया है। योजना पूरी होने के बाद नई व्यवस्था को शीघ्र ही चालू किया जाएगा। इससे शहरवासियों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। |