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मेधा डेयरी अगले तीन वर्षों में दोगुना करेगी दूध उत्पादन, झारखंड में 5 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता का लक्ष्य

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शक्ति सिंह, रांची। झारखंड स्टेट कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड के तहत संचालित मेधा डेयरी राज्य में दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में बड़ा विस्तार करने जा रही है। अगले तीन वर्षों में मेधा डेयरी अपनी वर्तमान उत्पादन क्षमता को दोगुना करते हुए करीब पांच लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए नए प्लांट, मिल्क पाउडर यूनिट और उत्पाद निर्माण इकाइयों की स्थापना की जा रही है।

वर्तमान में मेधा डेयरी झारखंड के विभिन्न जिलों में स्थापित प्लांटों के माध्यम से करीब ढाई लाख लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। रांची के होटवार स्थित प्लांट की उत्पादन क्षमता एक लाख लीटर प्रतिदिन है। वहीं साहिबगंज में 50 हजार लीटर, देवघर के सारठ में 50 हजार लीटर और पलामू में भी 50 हजार लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन किया जा रहा है। इन सभी केंद्रों को मिलाकर कुल उत्पादन क्षमता लगभग 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है।
होटवार में खुलेगा मिल्क पाउडर प्लांट, 20 टन प्रतिदिन होगी क्षमता

राज्य में अभी मिल्क पाउडर बाहर से मंगाया जाता है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए रांची के होटवार प्लांट परिसर में मिल्क पाउडर प्लांट की स्थापना की जा रही है। 20 टन प्रतिदिन क्षमता वाले इस प्लांट का निर्माण कार्य लगभग 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद त्योहारों और अधिक मांग के समय दूध की कमी नहीं होगी और अतिरिक्त दूध का स्थानीय स्तर पर पाउडर तैयार किया जा सकेगा। इससे पहले राज्य में पाउडर नहीं बनने के कारण अतिरिक्त दूध अन्य राज्यों में भेजना पड़ता था।
34 उत्पादों के लिए बन रहा आधुनिक प्रोडक्ट प्लांट

होटवार में एक बड़ा और आधुनिक प्रोडक्ट प्लांट भी निर्माणाधीन है। इस प्लांट में दूध से जुड़े करीब 34 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इनमें चमचम, रस मलाई, पैक्ड दूध, लस्सी समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। पूरी तरह मैकेनाइज्ड मशीनों से लैस यह प्लांट भी लगभग 18 महीनों में तैयार हो जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।
किसानों से हो रहा है प्रतिदिन 1.4 लाख लीटर दूध का संग्रह

मेधा डेयरी का फोकस स्थानीय दुग्ध उत्पादक किसानों को मजबूत करने पर भी है। वर्तमान में डेयरी द्वारा प्रतिदिन लगभग 1.3 से 1.4 लाख लीटर दूध का संग्रह सीधे स्थानीय किसानों से किया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों को उनके दूध का सुनिश्चित बाजार उपलब्ध हो रहा है।
नए जिलों में भी होगा विस्तार

मेधा डेयरी का विस्तार सिर्फ मौजूदा प्लांटों तक सीमित नहीं है। सरायकेला-खरसावां में जमीन मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जमीन मिलते ही वहां 50 हजार लीटर क्षमता का नया दूध प्लांट खोला जाएगा। चतरा जिले में भी डेयरी अधिकारियों ने जमीन का निरीक्षण किया है। वहां भी जमीन मिलने पर 50 हजार लीटर क्षमता वाला प्लांट स्थापित किया जाएगा।
झारखंड में दुग्ध क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

इन सभी योजनाओं के पूरा होने के बाद मेधा डेयरी झारखंड में दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी, वहीं उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और विविध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अलावा गोड्डा जिले में कैटल फीड प्लांट खोलने की योजना है, जिसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन चिह्नित कर ली है।
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