प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) से परतापुर इंटरचेंज तक पहुंचने में एक घंटा लगता हैं। जबकि यहां से गंगानगर के लिए तीन मार्ग हैं, सभी मार्गों पर 45 से 50 मिनट में परतापुर इंटरचेंज से गंगानगर तक का सफर पूरा होता है। इस समय को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने नगर निगम और अन्य विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की हैं। ताकि इसे इसी साल अमलीजामा पहनाया जा सकें।
रैपिड और मेट्रो स्टेशनों पर पुलिस चौकी का प्रस्ताव
सबसे अहम दिल्ली रोड को माना गया हैं। उक्त मार्ग पर रैपिड और मेट्रो के संचालन पर पुलिस मान रही है कि शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव सामने आएगा। ऐसे में स्टेशनों पर जाम लगने की आशंका भी जाहिर की जा रही है। उससे निपटने के लिए यातायात पुलिस ने अपनी कार्ययोजना जारी की है।
आरआरटीएस को यातायात पुलिस ने अपनी योजना शेयर कर दी। बताया गया कि सभी रैपिड स्टेशनों पर पुलिस चौकी बनाई जाए, अभी तक भैंसाली और मोदीपुरम रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस चौकी बनाई गई हैं।
पार्किंग और एएनपीआर कैमरे
सभी 13 स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा की जाए, अभी तक सिर्फ मेरठ साउथ स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा हैं, अन्य स्टेशनों पर पार्किंग व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए। साथ ही सभी स्टेशनों पर ANPR कैमरा (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन) लगाना होगा। ताकि सभी वाहनों की नंबर प्लेट को रिकार्ड कर सकें। शहर के 60 चौराहो के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है।
चौराहों पर एएनपीआर कैमरे से निगरानी
डीआइजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अलीगढ़ में सभी चौराहों पर एएनपीआर कैमरा (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन) लगा हुआ है। उक्त कैमरे से चोरी किए वाहनों की भी जानकारी मिल जाती है। चोरी के वाहनों का नंबर पढ़कर कैमरा तुरंत ही कंट्रोल रूम में लाल सिग्नल देता है। ताकि वाहन चोरी होने पर भी पकड़ा जा सकें।
शहर के नौ चौराहों पर एएनपीआर कैमरा लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस कैमरे से वाहनों की आटो मैटिक स्पीड भी चेक हो जाती है। चौराहे से तेजगति पर निकलने पर भी चालान कट जाता है। इतना ही नहीं, सभी नौ चौराहों पर लेफ्ट फ्री की सुविधा का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। उसके लिए नगर निगम के अफसरों से एसपी यातायात की बातचीत भी हो चुकी है। |
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