search

Makar Sankranti 2026: इसलिए वरदान है उत्तरायण काल, जानें इस दौरान क्या करें और क्या न करें?

Chikheang 1 hour(s) ago views 130
  

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर करें ये काम। (AI Generated Image)



दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। हर वर्ष 14 जनवरी 2026 को सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ उत्तरायण की शुरुआत होती है। भारतीय परंपरा में उत्तरायण को शुभ समय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस काल में सूर्य की दिशा परिवर्तन के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। यही कारण है कि मकर संक्रांति जैसे पर्व इसी दिन मनाए जाते हैं। उत्तरायण का समय आत्मशुद्धि, संयम और नए संकल्पों से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किए गए दान, जप और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि उत्तरायण को देवताओं का दिन भी कहा गया है और इसे जीवन में शुभ परिवर्तन का संकेत माना जाता है।

  

AI Generated
स्वास्थ्य पर सूर्य उत्तरायण का प्रभाव

सूर्य के उत्तरायण होने से दिन धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं और सूर्य का प्रकाश अधिक समय तक धरती पर रहता है। इससे शरीर को प्राकृतिक रूप से अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है। सर्दियों के बाद बढ़ती धूप से विटामिन डी की पूर्ति होती है, जो हड्डियों और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए आवश्यक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, उत्तरायण के समय शरीर की पाचन शक्ति धीरे धीरे मजबूत होने लगती है।  

इस काल में संतुलित आहार और दिनचर्या अपनाने से स्वास्थ्य में सुधार देखा जाता है। यही कारण है कि उत्तरायण को शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी समय माना गया है।
धार्मिक कर्म और पुण्य का विशेष समय

धार्मिक दृष्टि से सूर्य उत्तरायण का समय पुण्य कर्मों के लिए श्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि इस अवधि में किया गया स्नान, दान और तप विशेष फल देता है। गंगा स्नान, तिल दान और दीपदान जैसे कर्मों का महत्व इसी समय बढ़ जाता है।  

मान्यता है कि उत्तरायण में सूर्य की किरणें अधिक सात्विक होती हैं, जो मन और आत्मा को शुद्ध करती हैं। इसी कारण माघ मास और मकर संक्रांति जैसे पर्वों का सीधा संबंध उत्तरायण से जोड़ा जाता है। यह समय व्यक्ति को सेवा, संयम और सद्कर्म की प्रेरणा देता है।
जीवन में सकारात्मकता और नया आरंभ

सूर्य उत्तरायण को जीवन में नई दिशा देने वाला काल माना जाता है। जैसे सूर्य अपनी गति बदलकर उत्तर की ओर बढ़ता है, वैसे ही व्यक्ति को भी अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। यह समय पुराने नकारात्मक विचारों को छोड़कर सकारात्मक सोच अपनाने का संकेत देता है। उत्तरायण में दिन का बढ़ना प्रकाश, आशा और सक्रियता का प्रतीक माना जाता है।  

यही कारण है कि लोग इस समय नए कार्य, व्रत या संकल्प की शुरुआत करते हैं। कुल मिलाकर, सूर्य उत्तरायण होना केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आस्था और जीवन में संतुलन लाने वाला शुभ परिवर्तन माना जाता है।

यह भी पढ़ें- Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर शनि दोष से मुक्ति दिलाएगा ये छोटा सा उपाय, सौ गुना फल मिलेगा

यह भी पढ़ें- Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी, तिल दान और माघ स्नान का विशेष महत्व

लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
151102

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com