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बदल गई हथियारों की पसंद: पलामू में अब इस विदेशी रिवाल्वर की बढ़ी डिमांड, 1.5 से 5 लाख रुपये तक है कीमत

LHC0088 6 hour(s) ago views 494
  

रिवाल्वर की सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू जिले में आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने वालों की पसंद में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले दो नाली बंदूक और रायफल का वर्चस्व था। वहीं अब लोग तेजी से रिवाल्वर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।  

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 45 प्रतिशत (करीब 360 लाइसेंसधारी) रिवाल्वर रखते हैं, जबकि करीब 55 प्रतिशत लोग अब भी दो नाली बंदूक और रायफल का इस्तेमाल कर रहे हैं।  

सूत्रों के अनुसार हथियारों की गुणवत्ता, तकनीक और डिजाइन के कारण विदेशी हथियार लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इंग्लैंड, फ्रांस, इटली और जर्मनी में बने हथियारों की मांग सबसे अधिक है।  

खासकर इंग्लैंड की दो नाली बंदूक का वजन देशी बंदूकों की तुलना में काफी कम होता है, जिस कारण अब भी इसकी अच्छी-खासी मांग बनी हुई है।

हथियार कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया, “कई लाइसेंसधारी अपनी पुरानी दो नाली बंदूक और रायफल बेचकर रिवाल्वर खरीद रहे हैं। वहीं, पिस्टल की लाइसेंस प्रक्रिया अपेक्षाकृत जटिल होने के कारण उसकी ओर लोगों का रुझान सीमित बना हुआ है। पुराने हथियार दुकानदारों द्वारा नहीं खरीदे जाने पर लोगों को या तो उन्हें अपने पास रखना पड़ता है या फिर थाना में जमा कराना होता है।“
डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक है रिवाल्वर की कीमत

रिवाल्वर की कीमत डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक बताई जाती है। हथियार लाइसेंस का हर पांच साल में नवीकरण अनिवार्य है। इसके अलावा हर वर्ष आर्म्स मजिस्ट्रेट के समक्ष हथियार का निरीक्षण कराना होता है, जिसमें 250 रुपया शुल्क जमा करना होता है।

इसके साथ ही किसी भी चुनाव से पहले थाना में सत्यापन कराना जरूरी होता है। लाइसेंस नवीकरण के लिए एक हथियार पर 2500 रुपये और दो हथियार पर 5000 रुपये शुल्क निर्धारित है।

जिस हथियार के लिए लाइसेंस जारी होता है, वही बदला जा सकता है। दूसरा हथियार लेने के लिए अलग से आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

इंस्पेक्शन के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि विदेशी रिवाल्वर में बेहतर बैलेंस, सटीक फायरिंग और आधुनिक सेफ्टी फीचर्स होते हैं। इनके फंसने की आशंका भी कम रहती है। इसी कारण देश में बने हथियारों की तुलना में विदेशी हथियारों की मांग लगातार बढ़ रही है।

हथियार कारोबार से जुड़े जानकारों का कहना है कि देश में बने हथियार भी लोग पसंद करते हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और विश्वसनीयता के कारण विदेशी रिवॉल्वर की ओर रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
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