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रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर: मां के सामने ही बेटी को जिंदा चबा रहे थे कुत्ते, घटना से पूरा देश हुआ स्तब्ध!

deltin33 4 hour(s) ago views 1009
  

र‍िया की फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, संभल। रिया गौतम...। ये उसी बच्ची का नाम है। जिसे आवारा कुत्तों ने मौत की नींद सुला दिया है। जहां पर कुत्तों ने हमला किया, वह स्थान संघर्ष की गवाही दे रहा है। फसल अस्त-व्यस्त है और फटे कपड़े भी मौके पर पड़े हुए हैं। आगरा में मजूदरी कर रहे पिता के घर आने की खुशी में दादी को खेत पर छोड़कर अकेली घर की ओर जा रही रिया आवारा कुत्तों के आतंक का शिकार हो गई।

तलाशते हुए जब मां पहुंची तो कुत्तों का झुंड रिया पर हमलावर था और उसे नोच रहे थे। इस पर मां की चीख निकल पड़ी, संयोगवश एक रिश्तेदार भी उस वक्त वहां पहुंच गए, जिन्होंने कुत्तों को भगाया। इसके बाद स्वजन रिया को डाक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, पिता से मिलने की रिया की खुशी चीख-पुकार में बदल गई।
मां पर भी हमलावर हुए थे कुत्‍ते

उधर, तलाश करते हुए मौके पर पहुंची मां पर भी कुत्ते हमलावर हो गए थे। तहसील क्षेत्र के गांव पौटा निवासी बंटी आगरा में मजदूरी करते हैं। गांव में उनकी मां मुन्नी देवी व पिता देवीदास के साथ पत्नी ममता और चार बच्चे रहते हैं। स्वजन के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थित सुदृढ़ न होने के कारण बंटी करीब तीन माह पहले मजदूरी करने के लिए घर से चले गए थे।

बच्चों में सबसे बड़ी नौ वर्षीय बेटी रिया गौतम थी जो, गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा थी। जबकि उससे बेटी छोटी यशी, बेटा आरब व अयांश हैं। जो कि गांव में अपनी मां व दादा-दादी के साथ रहते हैं। इतना ही नहीं बंटी के भाई प्रमोद व पुष्पेंद्र का परिवार भी गांव में साथ रहते हैं। उन पर करीब आठ बीघा भूमि है और सभी मिलकर उस पर खेती करते हैं।
र‍िया के साथ खेत पर चारा लेने गई थी दादी

बताया गया कि रविवार को बंटी आगरा से वापस अपने घर आने वाले थे। जिसके बारे में उन्होंने अपने स्वजन को पहले ही सूचना दे दी थी। उनके वापस लौटने की खबर के बाद पत्नी व बच्चों में अलग ही खुशी दिख रही थी। शाम करीब चार बजे बेटी रिया अपनी दादी मुन्नी देवी के साथ खेत पर नराई करने के साथ पशुओं के लिए चारा लेने को गई थी।

दादी ने बताया कि रिया खेत पर थी। फिर उसे याद आया कि आज तो उसके पिता आ रहे हैं। बोली, पापा आने वाले होंगे और फिर वह थोड़ा सा भूसा लेकर अकेले ही खेत से घर की ओर चल पड़ी। जबकि दादी खेत पर ही काम करती रह गईं। काफी देर तक बेटी रिया घर वापस न लौटी तो मां को चिंता हुई तो वह भी खेत की ओर तलाश करने के लिए निकल पड़ी।
खेत पर बच्‍ची को नोंचते हुए द‍िखाई दि‍ए कुत्‍ते

वह जैसे खेत की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित श्मशान घाट के पास पहुंची तो वहां सड़क पर बेटी का स्वेटर व टोपा पड़ा हुआ था। सड़क पर बेटी के कपड़ों को देखकर उनके कदम ठिठक गए और ऐसे में जैसे ही उनकी निगाह पास में ही संजय के खेत में पड़ी तो उनकी चीख निकल गई। वहां पर उन्हें कुत्ते किसी बच्च्चे को नोंचते हुए दिखाई दिए।

ममता ने कहा कि जैसे ही खेत में बच्ची को कुत्तों द्वारा नोंचते हुए देखा तो उनकी चीख निकल गई। जिसे सुन कुत्तों के झुंड ने उन पर भी हमला कर दिया। मगर, इसी बीच खेतों की ओर जा रहे उनके परिवार के देवर लाला सिंह भी वहां आ गए। जिन्होंने डंडों की मदद से कुत्तों को भगाकर खेत में जाकर देखा तो रिया गंभीर हालत में पड़ी हुई थी।

कुत्तों ने उसके बाएं हाथ, पैर आदि का मांस नोंच डाला था। बच्ची की ऐसी हालत देख मां की हालत खराब हो गई और चीखते चिल्लाते हुए रोना शुरू कर दिया। फिर भीड़ जुटी। जब तक चिकित्सक को दिखाया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घंटा भर पहले हुई थी बेटी व अन्य से बात

खेत पर जाने से पहले रिया ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। पिता ने उसे कुछ ही देर में घर आने की बात कही थी। बंटी को क्या पता था कि यह उनकी बेटी से आखिरी बार बात हो रही है। वहीं बेटी भी पिता के वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।

स्वजन ने बताया कि खेत पर जाने से पहले रिया ने अपने पिता से फोन पर बात की थी और इसलिए ही वह अकेले खेत से वापस लौटकर आ रही थी। लेकिन कुत्तों के हमले का शिकार होने से उसकी मौत हो गई। जिससे उसकी पिता से मिलने की आस भी अधूरी रह गई।
दिन भर बेटी को याद करके मां करती रही विलाप

रविवार शाम को रिया की मौत की खबर के बाद देर शाम को पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। जहां रात में बच्ची के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। ऐसे में पूरी रात ही नहीं सोमवार सुबह को भी घर में लोगों का तांता लगा हुआ था।

जहां महिलाएं बेटी को याद करके विलाप कर रही मां ममता को सांत्वना देने का प्रयास कर रही थी। ऐसे में कुछ देर शांत रहने के बाद मां फिर से रोना शुरू कर देती थी। विलाप करते हुए कह रही थी कि मेरी लाड़ो तो मासूम थी, उसने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसके साथ इतना बुरा हुआ।

  


कुत्ते से काटने से बच्ची की मौत की जानकारी मिली है, जो कि काफी दुखद घटना है। इस मामले की जांच कराने के साथ ही नियमानुसार पीड़ित पिता को मदद कराई जाएगी। इसके लिए पशु चिकित्साधिकारी के साथ जागरुकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। जिससे लोग भी अपने स्तर पर सावधानी बरतें। अभियान चलाया जाएगा।

- रामानुज, एसडीएम संभल





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