मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।- फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने हेलमेट नियमों को और सख्त कर दिया है। अब प्रदेश में दोपहिया वाहन खरीदने पर वाहन विक्रेता को ग्राहक को चालक और पीछे बैठने वाली सवारी के लिए अलग-अलग दो आइएसआइ प्रमाणित हेलमेट देना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का प्रमाण पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों के साथ वाहन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
परिवहन विभाग के अनुसार, दोपहिया वाहन चालकों और पिलियन सवार (पीछे बैठने वाला) द्वारा हेलमेट न पहनना दुर्घटनाओं में गंभीर चोट और मृत्यु का प्रमुख कारण बन रहा है। केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने या सवारी करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह तक निलंबित किए जाने का प्रविधान है।
सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी ने भी हेलमेट नियमों के कड़ाई से पालन पर चिंता जताते हुए राज्यों को सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में परिवहन विभाग ने यह निर्णय लिया है कि हेलमेट की उपलब्धता को वाहन बिक्री प्रक्रिया से जोड़ा जाए, ताकि नया वाहन लेने वाला कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट सड़क पर न उतरे।
बुधवार को परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पिलियन सवारों के खिलाफ नियमित प्रवर्तन अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, हेलमेट न देने वाले डीलरों पर भी नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
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