राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को अपने 70वें जन्मदिन पर ब्राह्मणों को साथ जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि बहुजन समाज के लोग किसी बहकावे में न आएं बसपा वर्ष 2027 का चुनाव अकेले लड़ेगी और बहुमत की सरकार बनाएगी। कहा कि हाल ही में भाजपा और अन्य दलों के ब्राह्मण विधायकों ने बैठक कर अपने अपमान को लेकर चिंता जताई थी, बसपा ने अपनी सरकार में ब्राह्मणों को पूरा सम्मान और हिस्सेदारी दी थी।
अगली बार सरकार बनने पर भी पूरा सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने अन्य सभी वर्गों का भी आने वाले चुनाव में बसपा को समर्थन मिलने की उम्मीद जताई और सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति पर आगे बढ़ने की बात कही। पूर्व की सपा सरकार में अराजकता और गुंडाराज का मुद्दा भी उठाया।
माल एवेन्यू स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बहुजन मिशन के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा, मैं डरने वाली नहीं हूं। हाल ही में हुई भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक और बाद में सपा द्वारा बाटी-चोखा के सहारे ब्राह्मणों को साधने की कोशिश पर सीधा प्रहार किया।
कहा, ब्राह्मणों को किसी का बाटी-चोखा नहीं चाहिए। बसपा ने उनको सम्मान और अधिकार पहले भी दिया था और इस बार सरकार बनने पर भी पूरा सम्मान दिया जाएगा। अपनी पूर्व सरकारों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और जितने एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, उन सबकी रूपरेखा बसपा सरकार में ही बनी थी।
यह काम पूरे हो जाते, लेकिन तब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने रोड़े अटका दिए थे। कहा कि सपा के राज में सबसे ज्यादा दलितों का उत्पीड़न हुआ। दो जून 1995 को लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में सपाइयों ने मेरे ऊपर जानलेवा हमला किया था। सपा ने बहुजन समाज के महापुरुषों का हमेशा अपमान किया है और पार्टी संस्थापक कांशीराम के निधन पर एक दिन का भी शोक घोषित नहीं किया था।
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विधान सभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय, जाट आदि सभी वर्गों के सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों को तो बसपा हमेशा प्राथमिकता देती है। इस बार हर वर्ग का बसपा को बड़ा समर्थन मिलने जा रहा है और सपा का पीडीए मुंह देखता रह जाएगा।
उन्होंने ईवीएम पर भी प्रश्न खड़े किए। कहा कि हमारी पार्टी यह सोचकर देश में सभी चुनाव पूरी तैयारी व दमदारी के साथ लड़ती है कि पता नहीं कब ईवीएम में धांधली व बेईमानी आदि कराने वालों का सिस्टम फेल हो जाए, तब फिर चुनाव में सही रिजल्ट आ सकता है। अब पूरे देश में ईवीएम के विरोध में काफी आवाजें उठने लगी हैं। ऐसे में यह व्यवस्था कभी भी खत्म की जा सकती है और इसके स्थान पर फिर से यहां बैलेट पेपर से चुनाव कराए जा सकते हैं।
मायावती ने इस अवसर पर ब्लू बुक ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ भाग-21 के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया। ब्लू बुक में पिछले एक वर्ष के दौरान मायावती के बयानों, बैठकों सहित पार्टी की प्रमुख गतिविधियों का पूरा लेखा-जोखा रहता है। इस अवसर पर मायावती के भाई व पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार, भतीजे व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र आदि नेता मौजूद रहे।
लाइट में शार्ट सर्किट से निकला धुंआ, मची अफरातफरी
बसपा सुप्रीमो की पत्रकार वार्ता के अंतिम क्षणों में कार्यक्रम हाल में शार्ट-सर्किट के कारण आवाज के साथ फाल्स सीलिंग की एक लाइट के बुझते ही उससे धुआं निकलने पर अफरातफरी मच गई। इससे पहले कहीं कोई आग फैलती, सुरक्षाकर्मियों ने अग्निशमन यंत्र का प्रयोग कर स्थिति को संभाल लिया।
कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी। इस बीच कार्यक्रम खत्म करते हुए मायावती हाल से बाहर निकलकर चली गईं। वहीं घटना को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जांच की मांग उठाई है। एक्स पर उन्होंने लिखा, मायावती जी के जन्मदिन पर उनके संबोधन के दौरान सुरक्षा चूक की जांच हो। ये गंभीर मुद्दा है। |
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