नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने वाले प्रिंसिपल को 20 वर्ष की कैद। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, जींद। नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के दोषी निजी स्कूल के प्रिंसिपल को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रहास की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने 20 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सदर थाना क्षेत्र नरवाना के एक गांव की महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी 10 वर्षीय बेटी गांव के ही निजी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती है। 10 अगस्त 2024 को जब वह स्कूल से घर लौटी तो उसके पेट और पैरों में दर्द था।
शाम को किसी बात को लेकर उसकी अपने पति के साथ कहासुनी हो गई। इससे परेशान बेटी ने कहा कि दिन में स्कूल में प्रिंसिपल तंग करता है। अब घर पर भी चैन नहीं है। इसके बाद उन्होंने बेटी से पूछा तो उसने बताया कि वह स्कूल के कमरे में बैठी थी।
इसी दौरान प्रिंसिपल यशपाल वहां आया और कमरे की खिड़की बंद करने के लिए कहा। उसके बाद प्रिंसिपल उसे स्कूल का नया हाल दिखाने की बात कहकर बाथरूम में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर उसने धमकी दी।
महिला थाना पुलिस ने प्रिंसिपल यशपाल के खिलाफ दुष्कर्म करने, बंधक बनाने, यौन उत्पीड़न करने व छह पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। वीरवार को विशेष अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी प्रिंसिपल को 20 वर्ष का कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। |
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