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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शहर में शायर मंसूर उस्मानी की बेटी मृत्यु को 24 घंटे नहीं हुए थे कि छजलैट में कमरे में चल रही अंगीठी के चलते बनी जहरीली गैस से दो मासूम की मृत्यु हो गई। जबकि पति पत्नी और उनके बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आए तो भतीजे ने दरवाजा खटखटाया तो पप्पू उर्फ जावेद बाहर निकले।
तब तक उनके दो बेटों की मृत्यु हो गई थी। तीनों को छजलैट के अनीका अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका उपचार चल रहा है। स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।बुधवार की रात शायर मंसूर उस्मानी की बेटी ग्लोबर हीटर जलाकर कमरे में सो रही थी। शार्ट सर्किट से आग लगने के बाद उनकी जलकर मृत्यु हो गई थी।
वहीं छजलैट क्षेत्र छजलैट रमपुरा गांव निवासी जावेद उर्फ पप्पू की मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग पर छजलैट के पास पेट्रोल पंप के समीप चाय की कैंटीन है। घर कैंटीन से कुछ दूरी पर ही है। गुरुवार रात करीब 11 बजे जावेद पत्नी साहिस्ता और तीन बच्चों छह वर्षीय सिफान, चार वर्षीय आहिल और तीन वर्षीय आयरा के साथ कमरे में अंगीठी जलाकर सो गया।
रात में अंगीठी से निकली जहरीली गैस के कारण कमरे में घुटन बढ़ती चली गई। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे तक जब परिवार के लोग नहीं जागे तो बराबर के कमरे में सो रहे भतीजे आमिर खान और साले सलाउद्दीन ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर बाद जावेद ने किसी तरह दरवाजा खोला, वह भी बेहोशी की हालत में था शोर मचने पर आसपास के लोग पहुंचे।
सभी को तुरंत छजलैट के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने आहिल और आयरा को मृत घोषित कर दिया। बड़े बेटे शिफान, जावेद और साहिस्ता को उपचार जारी है। जहां कुछ देर बाद साहिस्ता की तबीयत बिगड़ने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सिफान व पिता पप्पू उर्फ जावेद उनकी हालत में सुधार है।
सूचना पर एएसपी अभिनव द्विवेदी और छजलैट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो स्वजन ने मना कर दिया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि पंचनामा भरने के बाद दोनों मासूम के शवों को स्वजन को सौंप दिया।
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