साइबर ठगों ने नौ महीने में 2500 लोगों से की पांच करोड़ की ठगी।
जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही)। साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कुछ में स्वयं की लापरवाही तो कुछ में साइबर ठग किस न किसी तरह से अपने झांसे में लेकर व्यक्ति का बैंक खाता खाली कर दे रहे हैं। घटना के बाद 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जाय तो ठगी गई राशि वापस मिलने की उम्मीद बंध जाती है। वहीं, देरी होने पर यही धनराशि लटक जाती है।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने भदोही जिले से अप्रैल 25 से 14 जनवरी तक साइबर ठगों द्वारा हड़पी गई धनराशि का रिकार्ड जारी किया तो यह चौंकाने वाला था। इस अवधि में ठगों ने 25 सौ लोगों के खातों से 4.93 करोड़ की ठगी की।
शिकायत पर पुलिस ने प्रयास किया तो लगभग 30 प्रतिशत लाेगों के पैसे वापस हो सके। पुलिस ने इस ठगी से बचने को तमाम जागरूकता कार्यक्रम चलाए पर लोग इसका शिकार होते गए।
समय के साथ अपराध का तरीका भी बदलता जा रहा है। मोबाइल के जानकार, पढ़े लिखे बेरोजगार साइबर ठगी की घटनाओं में शामिल होते जा रहे हैं।
किसी अनजान नंबर से फोन जाने पर किसी को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर तो किसी को उसके बैंक की जानकारी तो किसी को अश्लील फोटो भेजकर उसे देखने पर साइबर ठग उसे ब्लैकमेल करते हैं। जो इनके झांसे में आ गया उसका खाता खाली हो जाता है।
इसके साथ एटीएम कक्षों में ठग कार्ड बदलकर खातों से पैसा निकाल ले रहे हैं। इसी तरह की 2500 घटनाओं में 4.93 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
किसी अनजान नंबर पर व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करेंगे तो आपके साथ साइबर ठगी नहीं होगी। किसी एप के बारे में नहीं जानते हैं तो उसे भी न खोलें। पढ़े लिखे लाेग भी इनके झांसे में आकर अपनी खातों की व्यक्तिगत जानकारी साझा कर देते हैं। पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं टोल फ्री नंबर 1930 ऐसा नंबर है जो ठगी होने पर तुरंत सूचना दी जाय तो ठगी राशि वापस होने की पूरी संभावना रहती है। -अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक। |
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