राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी करना जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) देवरिया शिव नारायण सिंह को भारी पड़ सकता है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की संस्तुति शासन को भेज दी है। मामला वेतन बकाया से जुड़ा है, जिसमें समय पर निर्णय न लेने के कारण अवमानना वाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
यह प्रकरण विशेष अपील त्रिपुरारी शरण त्रिपाठी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य से संबंधित है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 मई 2025 को आदेश दिया था कि डीआइओएस देवरिया याची के वेतन बकाया के दावे पर विचार कर दो माह के भीतर उचित आदेश पारित करें। इसके बावजूद तय समयसीमा में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर याची ने अवमानना याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 17 नवंबर 2025 को प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानते हुए डीआइओएस को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने एक माह के भीतर आदेश का अनुपालन करने और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने अथवा कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को निर्धारित की गई है। अवमानना आदेश का संज्ञान लेते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पिछले वर्ष 27 नवंबर को डीआइओएस से स्पष्टीकरण मांगा। पिछले माह भेजा गया उनका जवाब विभाग को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए डीआइओएस देवरिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है। |
|