search

मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़ने का क्या है सच? मंत्री रवींद्र जायसवाल के खुलासे से सोशल मीडिया पर मचा हडकंप

Chikheang 2 hour(s) ago views 563
  



जागरण संवाददाता, वाराणसी। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के दौरान बुलडोजर से मढ़ी (चबूतरा) और इस पर सजी राजमाता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति सहित अन्य कलाकृतियां तोड़े जाने को लेकर उपजे विवाद पर शुक्रवार को सरकार की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया।

स्टांप एवं पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस कर मूर्तियों को तोड़े जाने का वीडियो एआइ से बनाकर भ्रामक ढंग से प्रसारित करने का आरोप लगाकर पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।

प्रशासन अभी तक तोड़फोड़ को चूक और मूर्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं होने का दावा कर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास कर रहा था। दूसरी तरफ, विपक्ष इस मामले को सनातन धर्म का अपमान बता रहा है।

रवींद्र जायसवाल ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि भाजपा वाराणसी में विकास को नित नए आयाम दे रही है। सनातन का सम्मान भाजपा के अलावा किसी अन्य पार्टी ने नहीं किया। भाजपा ने ही अहिल्याबाई की जयंती मनाना शुरू किया।

  

नव्य भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में अहिल्याबाई की भव्य मूर्ति स्थापित की गई। मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ व कलाकृतियों का वीडियो गलत ढंग से दिखाने में एआइ का इस्तेमाल किया गया है।

घाट पर ऐसा कुछ नहीं हुआ, जो वीडियो में दिखाया जा रहा है। पुनर्विकास के दौरान कलाकृतियों को हटाकर संस्कृति विभाग के गुरुधाम स्थित परिसर में सुरक्षित रखा गया है। मणिकर्णिका घाट के विकास के बाद घाट पर मढ़ी का पुन: निर्माण कर सभी मूर्तियों, कलाकृतियों को सजाया-संवारा जाएगा।

घाट के पुनर्निमाण के बाद लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी। चिमनी बनाने के साथ शवदाह के लिए 38 प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। यह घाट नव्य और भव्य दिखेगा। इसका विरोध करने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने नव्य-भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान अफवाहें फैलाई थीं।
सुनियोजित रूप से आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश

मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ व धरोहरों के नुकसान के विरोध में कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिला अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि विकास नहीं, वाराणसी में सुनियोजित रूप से आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश किया जा रहा है।

नव्य-भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नाम पर सैकड़ों मंदिरों व ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया। अब मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में देवी-देवताओं की मूर्तियां, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बनाने की मांग की।

वहीं, पाल विकास समिति के संरक्षक भइया लाल पाल ने कहा कि अहिल्याबाई की प्रतिमा के साथ महादेव व गणेश जी की प्राचीन प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से पाल समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। हालांकि जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि विग्रह मूर्तियों को पुनः स्थापित किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए मणिकर्णिका घाट का पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। घाट पर स्थित सभी मंदिरों को पूर्ण रूप से संरक्षित किया जाएगा। कार्य के दौरान एक मढ़ी तथा दीवारों पर स्थित कुछ कलाकृतियां प्रभावित हुई हैं।

इसे लेकर इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक एवं निराधार दावे प्रसारित किए जा रहे हैं। सच्चाई यह है कि घाट पर मौजूद सभी कलाकृतियों एवं मूर्तियों को संस्कृति विभाग द्वारा संरक्षित कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुनर्निर्माण कार्य के पश्चात इन्हें पूर्ववत स्वरूप में स्थापित किया जाएगा।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी, वाराणसी
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153060

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com