मदन पांचाल, गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की फौज मौज कर रही है और जिले में खसरा फैल रहा है। लोनी के राहुल गार्डन काॅलोनी में चार माह में खसरा के 31 केस मिलने के बाद भी काॅलोनी में उच्च अधिकारियों ने जाकर देखा तक नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है पिछले वर्ष 2024 में जिले में पूरे साल में खसरा के 31 केस मिले थे लेकिन वर्ष 2025 में यह संख्या 48 तक पहुंच गई। इसमें से भी एक ही जगह 31 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली जांच के दायरे में आ गई है।
हालांकि, संक्रमित अधिकांश बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है और स्वस्थ भी हो गये हैं लेकिन खसरा संक्रमित बच्चों में अधिकांश की उम्र चार माह से लेकर दस वर्ष के बीच है। शासन स्तर से रोज दिशा-निर्देश जारी होते हैं लेकिन जानलेवा बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग कमजोर हो चला है। रिपोर्ट में पता चला है कि गाजियाबाद में खसरा फैल रहा है। 31 केस मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली के साथ नियमित टीकाकरण की पोल भी खुल गई है।
खास बात यह है कि सभी 31 केस लोनी की राहुल गार्डन काॅलोनी में मिले हैं। केसों की रिपोर्टिंग दिल्ली से हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि खसरा संक्रमित अधिकांश बच्चों को एमएमआर के पूरे टीके नहीं लगे हैं। किसी को एमआरसीवी-1 लगा है तो किसी को एमआरसीवी-2। जबकि दोनों टीके जरूरी हैं। विभाग की रिपोर्ट में कई बच्चों को टीके लगाये जाने का जिक्र तक नहीं किया गया है। रिपोर्ट में खसरा फैलने का कारण अवेयरनेस गैप बताया गया है जबकि हकीकत यह है कि उक्त क्षेत्र में नियमित टीकाकरण की कड़ी बेहद कमजोर है।
रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारी उक्त क्षेत्रों में सर्वे करने की बजाय केसों को छिपाने की जुगत में है। यहीं नहीं दो नए संदिग्ध केसों के बाद जिला प्रतिक्षण अधिकारी खसरा रोकथाम की योजना को लेकर सक्रिय हुए हैं। मौके पर पड़ताल करने पर पता चला है कि नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राहुल गार्डन एवं नजदीकी केंद्र केे चिकित्सक एएनएम के साथ राहुल गार्डन में बच्चों के टीकाकरण में जुट गये हैं।
राहुल गार्डन काॅलोनी में केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अब पहुंची है।इससे पहले स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। क्षेत्र में नियमित टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक है।राहुल गार्डन कालोनी में घनी आबादी के बीच 67 हजार लोग रहते हैं। खसरा संक्रमित बच्चों के संग खेलने से दूसरे बच्चों में फैल रहा है। विभागीय टीम शनिवार को राहुल गार्डन पहुंचकर लीपापोती में जुट गई है।
दो साल में मिले खसरा के केसों का विवरण
| क्षेत्र | 2024 | 2025 |
भोजपुर | 4 | 1 | | डासना | 11 | 4 | | शहरी क्षेत्र | 9 | 18 | | लोनी | 7 | 24 | | मुरादनगर | 0 | 1 |
खसरा से ऐसे करें बचाव
समय पर वैक्सीनेशन खसरा से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को एमएमआर वैक्सीन दी जाती है, जो मीजल्स, मम्प्स और रूबेला जैसे गंभीर वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है। दो डोज़ की यह वैक्सीन 9-12 महीने तक बच्चों को खसरे से बचाती है।खसरा-रूबेला (मीजल्स रूबेला) वैक्सीन – 9 से 12 महीने और 16 से 24 महीने की उम्र में ज़रूर दिलवाएं।संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।घर में स्वच्छता बनाए रखें और व्यक्तिगत हाइजीन पर ध्यान दें।बीमार व्यक्ति को स्कूल या ऑफिस न जाने दें। पार्क में खेलने भी न दें।
खसरा के लक्षण
खसरा (मीजल्स) के लक्षणों में तेज़ बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना, आंखों में पानी और लाली आना शामिल हैं, जिसके कुछ दिनों बाद चेहरे और कानों से शुरू होकर पूरे शरीर पर लाल, उभरे हुए दाने निकल आते हैं, जो अक्सर कोप्लिक के धब्बे (मुंह के अंदर सफेद निशान) दिखने के बाद निकलते हैं और बाद में शरीर में फैल जाते हैं, और यह बीमारी अत्यधिक संक्रामक होती है।
“लोनी स्थित राहुल गार्डन में खसरा फैला है। रोकथाम के लिये जन जागरूकता के साथ विशेष टीकाकरण कराया जा रहा है। एमआर की अतिरिक्त डोज दी जा रही हैं। बच्चों की सेहत की निगरानी को टीम घर घर जाकर काम कर रही हैं।“
-डाॅ. अखिलेश मोहन, सीएमओ
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