शहर की सफाई व्यवस्था। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को तकनीकी, पारदर्शी और मानक आधारित बनाने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मॉडल आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) के आधार पर नगर निगम ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है, ताकि नई सफाई एजेंसी का चयन किया जा सके।
चार अलग-अलग समितियों ने शहर की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रोजेक्ट तैयार किया है। शनिवार को नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने गठित समितियों के साथ लगभग चार घंटे तक समीक्षा की और 24 घंटे में प्रस्ताव तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बैठक के बाद समिति ने सभागार में प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे सोमवार को नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद, यह रिपोर्ट 20 जनवरी को आयोजित स्थायी समिति में पेश की जाएगी।
समिति के सदस्य एक सप्ताह के भीतर प्रारूप में बदलाव और सुधार के सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद, विभाग को तकनीकी अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, जिसके पश्चात नई सफाई एजेंसी के लिए निविदा प्रक्रिया आरंभ होगी।
जोनवार सफाई एजेंसी का चयन, छह कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण
मानव बल, वाहन, कचरा ट्रांसफर स्टेशन और सड़क की लंबाई मापी जा चुकी है, आरएफपी भी तैयार कर ली गई है। इस टीम में उप नगर आयुक्त आमिर सुहैल, लोक स्वच्छता पदाधिकारी शशि भूषण सिंह, टाउन प्लानर मनु यादव, कार्यपालक अभियंता और कार्यालय अधीक्षक रेहान अहमद शामिल थे।
इसमें स्वच्छ भारत मिशन 2.0, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम और श्रम कानूनों के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। शहर में चार जोन हैं, जिनमें से तीन जोन में अलग-अलग एजेंसी कार्य करेगी, जबकि वार्ड एक से 13 तक निगम कार्य कराएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसी से 2607 मानव बल लिया जाएगा, जिसमें सफाई मजदूर, ड्राइवर और जलकल आदि शामिल हैं।
100 घरों से कचरा संग्रहण के लिए एक मजदूर
शहर में लगभग 437 किलोमीटर सड़क की मापी की गई है, लेकिन निविदा 500 किलोमीटर के हिसाब से होगी। 100 घर-घर कचरा संग्रहण के लिए एक मजदूर और एक किलोमीटर सड़क की सफाई के लिए दो मजदूर रखे जाएंगे।
नए प्रारूप में सफाई संसाधन नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार नगर निगम सफाई संसाधन की खरीदारी करेगा।
जो संसाधन नई एजेंसी उपयोग करेगी, उसका भाड़ा निगम वसूल करेगा। प्रति वर्ष 50 करोड़ रुपये निगम सफाई पर खर्च करेगा। चार कचरा ट्रांसफर स्टेशन निगम के पास हैं, जिन्हें दुरुस्त किया जाएगा और दो नए कचरा ट्रांसफर स्टेशन 100 टन प्रति दिन क्षमता के साथ स्थापित किए जाएंगे। आगामी चार वर्षों के लिए 250 टन प्रति दिन क्षमता का कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। |