इन परियोजनाओं से बलिया का समग्र विकास होगा।
जागरण संवाददाता, बलिया। बलिया जिले की स्थापना एक नवंबर 1879 को हुई थी। उससे पहले यह गाजीपुर जिला का ही अंग था। गंगा व सरयू दो नदियों से घिरा और दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और बिहार) का यह सीमावर्ती जिला है। एक अलग अनूठी गौरवशाली संस्कृति व सभ्यता, रंग, ढंग और देख किसी के भी मन में जिले को विकास लेकर अनेक सवाल उठते हैं, लेकिन अब शहर की सूरत बदलने के लिए कई बड़े कार्य होने जा रहे हैं।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से रविवार को शहर का विकास माडल प्रस्तुत कर कई तरह के सब्जबाग दिखाए गए। यदि सभी कार्य जल्द ही धरातल पर उतरते हैं तो जल्द ही शहर सहित पूरे जनपद की सूरत बदल जाएगी। जनपद में कई महान संत और साधु जैसे जमदग्नि, वाल्मीकि, भृगु, दुर्वासा आदि के आश्रम भी हैं। शहर में महर्षि भृगु का आश्रम है। भृगु कारिडोर के तहत मंदिर का विकास करने की तैयारी है। मेडिकल कालेज भी जल्द बनेगा। विकास माडल में अन्य कार्यों का भी जिक्र किया गया है।
बलिया के विकास माडल में ये कार्य शामिल
बलिया-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लिंक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कालेज, जिला जेल का निर्माण, बलिया बाईपास, भृगु कारिडोर, भृगु कांप्लेक्स, कटहल नाला सुंदरीकरण कार्य, सुरहा ताल के सुंदरीकरण का कार्य, स्ट्रीट वेंडर के लिए वेंडिंग जोन, चौराहे का सुंदरीकरण, पार्किंग जोन निर्माण, बलिया 2.0 सर्किल, ददरी मेला क्षेत्र विकास और प्रांतीयकरण, नगर पालिका क्षेत्र विस्तार, स्ट्रीट लाइट से सुंदरीकरण योजना, ड्रामा हाल का विकास कार्य, बापू भवन का विकास कार्य, शहीद चौक का सुंदरीकरण कार्य, लोहिया मार्केट का निर्माण कार्य, बस अड्डा निर्माण कार्य।
17 ब्लाकों में बनेगा हेलीपैड
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने निर्देश के क्रम में जनपद के 17 ब्लाकों में हेलीपैड बनाया जाएगा। सीआरओ त्रिभुवन ने बताया कि ब्लाक मुख्यालय के निकट भूमि चिह्नित कर ली गई है। अभी तक बैरिया में कोटवा, मुरलीछपरा में ग्राम इब्राहिमाबाद, बांसडीह जितौरा, रेवती में उदवा, बेरुआरबारी में मिडढ़ा, पंदह में धनेजा, दुबहर में शेर, सोहांव में शिवपुर खास, बेलहरी में दुधैला, गड़वार में गोविंदपुर, हनुमानगंज में करनई में जमीन मिल गई है।
शासन के निर्देश पर बलिया का विकास माडल प्रस्तुत किया गया है। सभी ब्लाकों में हेलीपैड का निर्माण कराया जाना है। शहर में मेडिकल कालेज का निर्माण भी जल्द होगा। भृगु कारिडोर के जरिये मंदिर का विकास किया जाएगा। -
त्रिभुवन, मुख्य राजस्व अधिकारी, बलिया। |