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होसबाले ने शिक्षा क्षेत्र के विशिष्ट जनों व यंग प्रोफेशनल के साथ किया संवाद। जागरण
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Uniform Civil Code RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर देश में प्रयास हो रहे हैं, लेकिन इसे लागू करने से पहले ठोस और व्यावहारिक नीति बनाना जरूरी है।
भारत विविधताओं का देश है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न परंपराएं और सामाजिक व्यवस्थाएं हैं। ऐसे में यूसीसी को सीधे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रामदयालु सिंह कॉलेज परिसर में आयोजित संगोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के विशिष्ट जनों और यंग प्रोफेशनल्स से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यवहारिक रास्ता यह हो सकता है कि राज्य अपने स्तर पर नीति बनाकर यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने की पहल करें। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड और गुजरात में इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
संवाद सत्र के दौरान यंग प्रोफेशनल्स द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में दत्तात्रेय होसबाले ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनसंख्या असंतुलन राष्ट्र के लिए सही नहीं है और इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। संघ का दृष्टिकोण पूरी तरह राष्ट्रहित और विकास से जुड़ा है, इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं है।
उन्होंने धर्मांतरण और घुसपैठ के मुद्दे पर भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह किसी मजहब का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा सवाल है, जिस पर बोलना जरूरी है। जाति और वोट बैंक की राजनीति को भी उन्होंने देशहित में घातक बताया और कहा कि भारत को सशक्त बनाने के लिए हिंदू समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
अपने मुख्य उद्बोधन में उन्होंने समाज सुधार पर जोर देते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। वेदकाल से “वसुधैव कुटुंबकम्” की परंपरा रही है, जहां पूरा विश्व एक परिवार माना गया है। अकेले चलने में भय होता है, जबकि साथ चलने से प्रतिभा और क्षमता का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि टीम भावना के अभाव में आज भी कई पंचायतें अपेक्षित विकास स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर टीम वर्क की भावना से कार्य करें, तो विकास की तस्वीर कहीं अधिक सशक्त हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए देश, समाज और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
इससे पूर्व कॉलेज परिसर में संघ के शताब्दी वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे प्रतिभागियों ने सराहा। कार्यक्रम में संघ के क्षेत्र कार्यवाह मोहन सिंह ने विषय प्रवेश कराया।
मौके पर प्रांत संघचालक अधिवक्ता गौरी शंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह विशेन, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विभाग संघचालक चंद्रमोहन खन्ना ‘चन्नी’ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रांत संपर्क प्रमुख मोहिनीश ने दिया। |
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