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दावोस में सीएम हेमंत सोरेन कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात, देंगे निवेश का न्यौता

deltin33 2026-1-18 20:26:45 views 1271
  

दावोस में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे सीएम हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल दावाेस में आयोजित वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की वार्षिक बैठक में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ भाग लेगा।

इस मंच के जरिए झारखंड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा।

वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।

झारखंड इस बैठक में \“प्रकृति के साथ संतुलन में विकास\“ के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है।

अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखंड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।

वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे।

इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखंड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
20 को होगा झारखंड पवेलियन का उद्घाटन

झारखंड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखंड पवेलियन का उद्घाटन है। पवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा।

इसके माध्यम से झारखंड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
झारखंड का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित

मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुंचे।

दावोस में झारखंड की भागीदारी के दौरान वैश्विक और भारतीय मीडिया से भी व्यापक बातचीत होगी। इसके जरिए राज्य यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि विकास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है।

जैसे-जैसे दुनिया में ऊर्जा, संसाधन और प्रतिभा की मांग बढ़ रही है, झारखंड खुद को एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है, जो पारदर्शिता, स्थिरता और लंबे समय तक मूल्य देने में सक्षम है। विजन 2050 की ओर देखते हुए वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में झारखंड की यह भागीदारी एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

यह 25 साल के युवा राज्य को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर ले जाती है और \“प्रकृति के साथ संतुलन\“ के सिद्धांत पर आधारित सतत, समावेशी और भविष्य की ओर बढ़ते विकास के नए दौर की शुरुआत करती है।
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