सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। चांदी रोज अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है, जिससे रोज मूल्य आल टाइम हाई पर पहुंच रहे हैं। मूल्यों में रफ्तार तो गत वर्ष से पकड़ ली थी। 88 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से वर्षभर में डेढ़ लाख रुपये वृद्धि हुई थी। वहीं जनवरी के पहले दिन मूल्य हाजिर में 236500 और एमसीएक्स पर मूल्य 237000 रुपये प्रति किलोग्राम थे।
- 18 दिन में मूल्यों की ऐसी रफ्तार है कि 48 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो चुकी है। इससे एमसीएक्स पर 289500 रुपये और हाजिर में मूल्य 284500 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं।
- गत वर्षभर में बढ़े थे डेढ़ लाख रुपये प्रति किलोग्राम, 88 हजार रुपये प्रति किलोग्राम था मूल्य
- वैश्विक अस्थिरता और देशों के बीच तनाव के कारण चांदी की चाल बिगड़ी हुई है। मूल्यों में इतनी अस्थिरता है कि एक दिन में 23 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक उतार चढ़ाव चल रहा है। चांदी अपने पुराने सभी रिकार्ड तोड़ रही और बढ़ती जा रही है। बाजार में मांग को घटाकर आधे से भी कम कर दिया है।
- खरीदार वही हैं जिनकी मजबूरी है या जो निवेशक हैं। निवेशकों की संख्या कई गुणा बढ़ चुकी है। निजी निवेशकों के साथ ही विभिन्न देशों के सेंट्रल बैंक भी निवेश कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और चांदी का औद्योगिक क्षेत्र मेंं बढ़ता प्रयोग भी इसके मूल्यों को हर महीने नई चमक दे रहे हैं।
- एमसीएक्स पर 289500 रुपये और हाजिर में मूल्य 284500 रुपये प्रति किलोग्राम
- पिछले सहालग में कारोबार आधा ही रह गया और फरवरी से शुरू हो रहे सहालग के लिए मांग न के बराबर है। चांदी के बड़े निवेशक बढ़े हैं और छोटे निवेशकों के पास ये डंप हो गई है। उपकरणों में इसका उपयोग भी मूल्य वृद्धि का एक कारण हैं। दीनदयाल आनंद कुमार सराफ के स्वामी दीपांशु अग्रवाल ने बताया कि चांदी के मूल्य ने बाजार में मांग को घटा दिया है। आम खरीदार छोड़िए, सहालग वाले भी खरीद से बच रहे हैं।
- आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रज मोहन रैपुरिया का कहना है कि चांदी फिर से नए पड़ाव की ओर चल पड़ी है। इससे बाजार में थमा है और खरीदार घटे हैं। निवेशक ही खरीदारी कर रहे हैं। सहालग वालों के लिए अधिक मूल्य मुश्किल बना हुआ है।
- एक जनवरी 2025
- हाजिर, 88700
- एमसीएक्स, 88500
- एक जनवरी 2026
- हाजिर, 236500
- एमसीएक्स, 237000
- 18 जनवरी 2026
- चांदी हाजिर 2,84,500
- एमसीएक्स 2,89,500
नोट, मूल्य प्रति किलोग्राम में हैं।
वैश्विक स्तर जो संघर्ष चल रहे हैं, उन्होंने बड़ी अस्थिरता पैदा की है। चांदी के बड़े निवेशक बढ़े हैं और छोटे निवेशकों के पास ये डंप हो गई है। उपकरणों में इसका उपयोग भी मूल्य वृद्धि का एक कारण हैं, जबकि चीन नए अवरोध पैदा कर रहा है। करेक्शन जरूर आते रहेंगे, लेकिन चांदी अब साढ़े तीन लाख के नए पड़ाव की ओर छह महीने में पहुंचने की रफ्तार में हैं। -
आनंद प्रकाश, निदेशक, आभूषण ज्वेलर्स
चांदी के मूल्यों में रोज तेजी आ रही है। इससे बाजार बुरी तरह प्रभावित है। इसका प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा तनाव ही है। वहीं अमेरिका का टैरिफ सहित निवेशकों की बढ़ती संख्या ने भी चांदी के मूल्यों की रफ्तार को बढ़ा दिया है। ये मूल्य फिल्हाल थमते हुए नहीं दिखाई दे रहे, जो जल्द नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। -
नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा सराफा एसोसिएशन |