search
 Forgot password?
 Register now
search

ट्रेनों से मोबाइल चोरी कर नेपाल-बांग्लादेश में होती है बिक्री, आरा में अंतरराष्ट्रीय चोर गिरोह का भंडाफोड़

Chikheang 1 hour(s) ago views 712
  

आरा से मोबाइल चोर गिरफ्तार। फोटो जागरण



जागरण संवाददाता, आरा। ट्रेनों एवं रेलवे स्टेशनों से चोरी किए गए मोबाइल फोन की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। रविवार को आरपीएफ एवं जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए चार मोबाइल चोरों ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

चोरों ने स्वीकार किया कि आरा जंक्शन समेत अन्य स्टेशनों से चोरी किए गए मोबाइल फोन भारत में इस्तेमाल नहीं किए जाते, बल्कि इन्हें नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के पार बेच दिया जाता है। ऐसा IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर से पकड़ में आने से बचने के लिए किया जाता है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार एवं जीआरपी थानाध्यक्ष रणधीर कुमार ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जिसका नेटवर्क बक्सर जिले के पुराना भोजपुर और पटना से संचालित हो रहा है।
नेपाल और बांग्लादेश में होती है बिक्री

गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को निशाना बनाते हैं और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर लेते हैं। इसके बाद इन मोबाइल फोन को सीमावर्ती इलाकों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश भेज दिया जाता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार चोरों ने बताया कि विदेशों में इन मोबाइलों का उपयोग इसलिए किया जाता है, क्योंकि वहां लगाए गए सिम कार्ड भारत की ईएमआई ट्रैकिंग सिस्टम में शो नहीं करते। इस कारण चोरी हुए मोबाइल का पता लगाना कठिन हो जाता है और अपराधी आसानी से कानून की पकड़ से बच जाते हैं।

यही वजह है कि गिरोह भारत में इन मोबाइलों का प्रयोग करने से बचता है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ है। स्थानीय स्तर पर चोरी करने वाले युवकों को प्रति मोबाइल तय रकम दी जाती है, चोरी की मोबाइल कम से कम अच्छे क्वालिटी की दो हजार में बेची जाती है।
20 हजार में मिल जाते है बेहतर क्वालिटी के मोबाइल

वहीं, उससे बेहतर क्वालिटी के मोबाइल के पांच से 20 हजार रुपये तक मिल जाते हैं, जबकि मुख्य सरगना बड़े पैमाने पर इन मोबाइलों की सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाते हैं। आरा जंक्शन के अलावा दानापुर रेल मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों को भी गिरोह ने अपना टारगेट बना रखा था।

आरपीएफ और जीआरपी की टीम अब इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सरगना तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चोरी के पुराने मामलों को खंगाला जा रहा है।

सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है ताकि नेपाल और बांग्लादेश की ओर होने वाली तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
154297

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com