8th Pay Commission Update News: केंद्र सरकार के नए सैलरी अकाउंट पैकेज से बाहर रखे गए कर्मचारियों को लेकर नाराजगी तेज हो गई है। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन (All India NPS Employees Federation) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली समेत सभी केंद्र शासित प्रदेशों और सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडीज के कर्मचारियों को भी यह सुविधा तुरंत दी जाए। फेडरेशन का कहना है कि करीब 2.5 लाख कर्मचारी इस पैकेज से वंचित हैं, जबकि वे केंद्र सरकार के ही नियमों के तहत सेवाएं देते हैं।
कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज से कर्मचारियों को क्या-क्या लाभ?
दरअसल, 16 जनवरी को केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज (Composite Salary Account Package) की घोषणा की थी। इस पैकेज के तहत एक ही सैलरी अकाउंट से बैंकिंग, बीमा, लोन और कार्ड जैसी सुविधाएं मिलनी हैं। इसे आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले कर्मचारियों के लिए बड़ा वेलफेयर बूस्टर माना जा रहा है। लेकिन केंद्र शासित प्रदेशों और ऑटोनोमस बॉडीज के कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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5000 सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडीज में काम करते हैं 2.5 लाख कर्मचारी
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Manjeet Singh Patel) ने लेटर में कहा है कि यह पैकेज कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बैंकिंग जरूरतों को मजबूत करता है। ऐसे में इसे केवल केंद्रीय मंत्रालयों तक सीमित रखना ठीक नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि देश की करीब 5000 सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडीज में काम करने वाले लगभग 2.5 लाख कर्मचारियों को बाहर रखना कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है।
फेडरेशन ने लेटर में क्या की मांग?
पत्र में यह भी बताया गया कि दिल्ली सरकार (GNCTD) और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी व्यवहारिक रूप से केंद्र सरकार के अधीन काम करते हैं, फिर भी उन्हें इस पैकेज का लाभ नहीं मिल रहा।
फेडरेशन ने मांग की है कि प्रधानमंत्री के \“एक भारत, श्रेष्ठ भारत\“ के विजन के अनुरूप सभी केंद्र शासित प्रदेशों और ऑटोनोमस बॉडीज के कर्मचारियों को इस सैलरी अकाउंट पैकेज में शामिल किया जाए। फेडरेशन को उम्मीद है कि वित्त मंत्रालय समानता, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक फैसला लेगा। |