सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। सड़क, बाजार और खेतों में घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में दो नई योजनाएं लागू की हैं।
इनके तहत बेसहारा पशुओं को आश्रय देने वाले लोगों को पशुपालन विभाग धनराशि भी देगा। विशेष रूप से एक सांड पालने पर प्रतिदिन 80 रुपये दिए जाएंगे।
जिले में 225 बेसहारा पशु इन योजनाओं के तहत गोशालाओं में पल रहे हैं। सेवा करने वालों को विभाग ने इस एवज में 18,000 रुपये का भुगतान भी किया है।
ग्राम गो सेवक और गोशाला योजनाओं का उद्देश्य बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही सड़कों पर इनके कारण होने वाली दुर्घटनाओं तथा किसानों की फसलों को नुकसान से बचाना भी है।
ग्राम गो सेवक योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति अधिकतम पांच निराश्रित नर पशुओं (बैल या सांड) को आश्रय देता है तो उसे प्रति पशु 80 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही पशुओं को निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी।
इस योजना के तहत पांच पशुओं को रखने पर लाभार्थी को 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेंगे। वर्तमान में पिथौरागढ़ जनपद से छह लोग इस योजना से जुड़े हैं।
दूसरी गोशाला योजना के रूप में शुरू की गई है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी गोशाला में इच्छानुसार संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकता है। उन्हें प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
वर्तमान में मुनस्यारी और पिथौरागढ़ के बड़ावे क्षेत्र में दो गोशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां कुल 225 बेसहारा पशुओं को आश्रय और भोजन की व्यवस्था दी जा रही है। इन योजनाओं से जहां एक ओर निराश्रित पशुओं को संरक्षण मिलेगा वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा।
- डा. योगेश शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़
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