LHC0088 • Yesterday 21:56 • views 923
हाईवे किनारे खड़े वाहन
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जलालाबाद निवासी नवीन सक्सेना की 16 सितंबर को हाईवे पर खड़े ट्रक में कार घुस गई थी, जिससे उनकी पत्नी प्रगति की मृत्यु हो गई थी। इसी तरह सड़क पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों से कई अन्य हादसे हो चुके हैं। उसके बाद भी प्रशासन शहर से लेकर लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह खड़े होने वाले वाहनों को हटवाने को लेकर ध्यान नहीं दे रहा है।
मंगलवार को पड़ताल की गई तो शहर के बरेली मोड़ से लेकर रोजा, तिलहर, मीरानपुर कटरा तक का यही हाल देखने को मिला। जबकि सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। बीते एक सप्ताह के अंदर ही 10 लोगों की जान चली गई। इन हादसों के पीछे भी यातायात नियमों की अनदेखी करना रहा। बरेली मोड़ पर वाहन चालकों की इस कदर मनमानी हावी है कि यहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहां पर पुलिस पिकेट हर समय रहती है। रोजा में महाराणा प्रताप पार्क से चंद कदम की दूरी पर ही कई वर्कशाप सड़क किनारे हैं। इस कारण हर समय सड़क के दोनों तरफ ट्रक से लेकर आटो व अन्य वाहन खड़े रहते हैं। इसके चलते हाईवे लिंक मार्ग की तरह नजर आता है। अधिकांश होटल व ढाबों के बाहर भी कुछ इसी तरह की स्थिति नजर आई। तिलहर क्षेत्र में भी हाईवे पर ही बड़े वाहनों को खड़ा कर सवारियां बैठाई जाती हैं, लेकिन इस मनमानी को रोकने की फुर्सत जिम्मेदारों के पास नहीं है।
बसें भी सड़क पर खड़ी हो रहीं
मीरानपुर कटरा में ओवरब्रिज के पास सड़क पर आटो, ट्रक से लेकर रोडवेज बसें तक सड़क पर ही खड़ी कर दी जाती हैं। जबकि चंद कदम की दूरी पर पुलिस पिकेट से लेकर यातायात पुलिस की ड्यूटी रहती है। यहां के व्यापारी कई बार व्यवस्था सुधार की मांग उच्चाधिकारियों से कर चुके हैं। उसके बाद भी सुधार नहीं कराया जा रहा है।
ओवरलोड वाहनों की भरमार
हाईवे से लेकर अन्य मार्गों पर ओवरलोड वाहन भी हादसों का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। खुटार में 15 दिन पहले चलते ट्रक से गन्ना सड़क पर गिर गया था। इसी तरह मीरानपुर कटरा में ओवरलोड वाहन पलटने से हादसा हो चुका है। ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राली से लेकर अन्य बड़े वाहनों में गन्ना, भूसा आदि इस तरह भर लिया जाता है कि उनकी ऊंचाई तक का ध्यान नहीं दिया जाता है।
सड़क सुरक्षा माह के तहत लगातार वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी करने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं।
- हरिओम, एआरटीओ प्रवर्तन
यह भी पढ़ें- बरेली कॉलेज में परीक्षा के बीच अचानक मची अफरा-तफरी, 43 प्रोफेसरों पर गिरी गाज; जानें क्या है पूरा मामला |
|