कोल्हान विश्वविद्यालय।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कोल्हान विश्वविद्यालय (KU) के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की पहल शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय के जनजातीय अनुसंधान एवं भाषा विभाग (TRL) और वोकेशनल विभाग को जल्द ही आधुनिक भवन मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने लगभग 25 करोड़ रुपये की परियोजना को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। लंबे समय से इन दोनों विभागों के लिए अलग भवन की मांग की जा रही थी। कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता उच्च शिक्षा विभाग के साथ लगातार पत्राचार कर रही थी। इसके परिणामस्वरूप यह राशि स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि शोधार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जानिए परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- आधुनिक संरचना: टीआरएल और वोकेशनल विभाग के लिए अलग-अलग जी प्लस थ्री (G+3) मंजिला भवनों का निर्माण किया जाएगा।
- ट्राइबल म्यूजियम का सौंदर्यीकरण: परिसर में स्थित जनजातीय संग्रहालय (Tribal Museum) को नया और आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। इससे क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, इतिहास और विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा।
- समय सीमा: विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना निर्माण कार्य शुरू होने के एक वर्ष के भीतर इन परियोजनाओं को पूरा करने की है।
26 जनवरी को शिलान्यास की तैयारी विश्वविद्यालय प्रशासन निर्माण स्थल का निरीक्षण कर चुका है और वर्तमान में सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को राज्य के मंत्री दीपक बिरुआ द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के अधिकारी इस संबंध में मंत्री के साथ संपर्क में हैं। कोल्हान विश्वविद्यालय के अधिकारियों का मानना है कि इन नए भवनों और आधुनिक म्यूजियम से शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यह कदम जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और वोकेशनल पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। |
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