LHC0088 • 1 hour(s) ago • views 552
फाइल तस्वीर।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेरठ-पौड़ी हाईवे पर बैराज के पास बंगाली बस्ती निवासी ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग करते हुए हाईवे का निर्माण कार्य रोक दिया था और धरना शुरू कर दिया था।
विभिन्न स्तर पर वार्ता हुई, लेकिन हल नहीं निकल सका। अब हाईवे निर्माण में लगातार होती देरी को लेकर शासन ने भी संज्ञान लिया।
चार दिन पहले पुलिस ने धरना स्थल से ग्रामीणों को हटाया और निर्माण कंपनी ने लगातार 70 घंटे तक दिनरात कार्य कर धरना स्थल को मिटाकर यहां हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया है।
मेरठ-पौड़ी हाईवे का निर्माण कार्य जारी है। वर्तमान में मेरठ के बहसूमा से बिजनौर तक करीब 40 किमी लंबे हिस्से का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि इस हिस्से का निर्माण कार्य काफी देरी से शुरू हुआ।
क्योंकि वन विभाग और गंगा पर बनने वाले नए पुल के निर्माण के लिए संबंधित विभागों ने देरी से अनुमति जारी की? उधर, बैराज के पास स्थित गांव हेमराज कालोनी के सामने बंगाली समाज के लोगों ने अंडरपास निर्माण की मांग करते हुए अप्रैल 2025 से धरना शुरू कर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
कई बार वार्ता की गई, लेकिन समाधान नहीं हो सका। बाद में सांसद चंदन सिंह चौहान के माध्यम से एनएचएआइ के केंद्रीय कार्यालय को अंडरपास के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन वहां से भी इन्कार कर दिया गया।
शनिवार रात करीब आठ बजे एसडीएम सदर रितु चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और नोकझोंक के बाद ग्रामीणों को धरना स्थल से हटा दिया। इसके बाद एनएचएआइ और निर्माण कंपनी ने तत्काल कार्य शुरू कर दिया। शनिवार रात करीब आठ बजे से शुरू हुआ निर्माण कार्य मंगलवार शाम छह बजे तक लगातार जारी रहा।
पुलिस बल रात-दिन तैनात
अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को भी ग्रामीण जिला मुख्यालय पर पहुंचे थे और खूब हंगामा किया था। उधर, हाईवे के निर्माण को लेकर हर स्तर पर सतर्कता बरती गई।
मौके पर निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से दिन-रात पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान यहां पहुंचे कुछ ग्रामीणों को पुलिस ने वापस भेज दिया।
पिछले काफी समय से रुके हाईवे के निर्माण कार्य को शुरू करा दिया है। ग्रामीणों की मांग को भी सुना गया।
- रितु चौधरी, एसडीएम सदर |
|