संवाद सहयोगी, जसवंतनगर। नई मंडी में पल्लेदार के नाम फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर राज्य कर विभाग से 2.01 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आइटीसी लेने वाले व्यापारी जीशान को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में 19 अगस्त 2025 को सहायक आयुक्त जीएसटी विशेष जांच प्रकोष्ठ जितेंद्र कुमार द्वारा थाने में पल्लेदार सुदीप कुमार पुत्र जगदीश बाबू निवासी ग्राम निलाई जसवंतनगर के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें भारत बिल्डिंग मैटेरियल स्टोर छिमारा रोड गुलाबबाड़ी से लेन देन दिखाया गया था।
इस फर्म से कानपुर में एक फर्जी फर्म लेम इंटरप्राइजेज का भी लेनदेन दिखाया गया था। विभाग के पोर्टल पर भारत बिल्डिंग मेटेरियल स्टोर का रिकार्ड साइकिल स्कूटर आदि की खरीद के लिए रजिस्टर्ड था। सुदीप सब्जी मंडी जसवंतनगर में जीशान की दुकान पर पल्लेदारी का काम करता है। फर्म द्वारा फर्जी कागजातों के आधार पर 2 करोड़ 1 लाख 30 हजार रुपये का करापवंचन किया गया था।
थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि नई मंडी में जीशान निवासी मुहल्ला शाहकमर इटावा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी जीएसटी फर्म का पंजीकरण पल्लेदार सुदीप कुमार निवासी ग्राम निलोई के आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो का उपयोग कर भारत बिल्डिंग मेटेरियल नाम से 02 अगस्त 2024 को कराया था। इस फर्म का पता छिमारा रोड, जसवंतनगर पर एक किराए की दुकान के रूप में दर्शाया गया था।
कानपुर में लेम इंटरप्राइजेज नाम से एक और फर्जी फर्म सितंबर-2024 में खोली गई। कागजों पर इस फर्म द्वारा सीमेंट का व्यापार सितंबर से नवंबर-2024 के मध्य दिखाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि कानपुर की फर्म से जसवंतनगर की फर्म को सीमेंट की बिक्री दर्शाई गई, जबकि वास्तव में सीमेंट का कोई कारोबार नहीं हुआ था। केवल कागजों पर लेनदेन दिखाकर लगातार जीएसटीआर-1 यानी फर्म का मासिक खरीद बिक्री का विवरण दाखिल की जाती रही।
पुलिस के अनुसार, इस फर्जीबाड़े के माध्यम से भारत बिल्डिंग मैटेरियल के नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट दर्शाया गया। यह रकम नगर सहकारी बैंक के खाते में स्थानांतरित की गई। वहां से 2.01 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। इस तरह, बिना किसी वास्तविक व्यापार के सरकार को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस जांच में सुदीप कुमार को केवल मोहरा मानकर मुख्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया।
अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में जीशान का कहना है कि उसका कोई दोष नहीं है। उसके सहयोगियों ने गुमराह कर फर्जी तरीके से उसे फंसा दिया है। जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर संतोष वर्मा ने बताया कि यह एक बोगस फर्म थी जिसमें कोई लेनदेन नहीं हुआ था। ऐसे मामलों की जांच विभाग कर रहा है। लोगों से अपील है कि अपना पेनकार्ड, आधारकार्ड किसी को न दें। इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। |
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