एनसीपी और बीएनपी के बीच जंग तेज हुई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के लिए प्रचार शुरू होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव में हिस्सा ले रहे प्रमुख दलों में शामिल नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बीच सबसे ज्यादा तकरार देखने को मिल रही है।
दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। वे एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं।ढाका ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने नाम लिए बगैर बीएनपी पर हमला बोला है। उन्होंने एक रैली में आरोप लगाया कि एक प्रमुख पार्टी भ्रामक जानकारी फैला रही है।
एनसीपी और बीएनपी के बीच जुबानी जंग तेज
वह हमारे गठबंधन के लिए बढ़ते जनसमर्थन को देखकर डर गई है। अगर मतदान केंद्रों पर कब्जा करने या मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ करने की योजनाएं बनाई गई हैं तो उन्हें भूल जाएं, क्योंकि ये सफल नहीं होंगी।
हम मतदान केंद्रों की सुरक्षा करेंगे और लोगों की वास्तविक जीत को सुनिश्चित करेंगे।इधर, बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने अपनी पहली चुनावी रैली में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी पर निशाना साधा और कहा कि यह पार्टी मतदाताओं विशेषकर महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
सिलहट शहर की रैली में उन्होंने कहा कि वे पहले ही आपको धोखा दे चुके हैं और चुनाव बाद फिर धोखा देंगे। बीएनपी की दिवंगत नेता खालिदा जिया के बेटे रहमान ने नाम लिए बगैर एनसीपी को भी आड़े हाथ लिया।
गोली लगने से बीएनपी नेता घायल
बांग्लादेश में चुनाव प्रचार शुरू होने के साथ ही राजनीतिक हिंसा भी बढ़ गई है। राजधानी ढाका के केरानीगंज इलाके में गुरुवार रात अज्ञात हमलावरों की फायरिंग में बीएनपी का एक नेता गंभीर रूप से घायल हो गया।
बीएनपी नेता की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद हसन मोल्ला के रूप में की गई है। वह पार्टी की स्थानीय इकाई का महासचिव है। पुलिस ने बताया कि गोली पेट में लगी है। |
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