वैष्णो देवी पर स्नोफॉल के बाद का दृश्य (जागरण संवाददाता फोटो)
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। गुरुवार रात से लगातार हिमपात के कारण पहाड़ों और वादियों ने हिम की चाद ओढ़ ली। इससे स्थानीय पयर्टन को नई ऊर्जा मिलने की आस है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में लगातार वर्षा ने लगभग सूखे जैसी स्थिति से निजात दिला दी है। यह बर्फ सेब उत्पादकों व वर्षा खासकर गेहूं की खेती के लिए सोना मानी जा रही है। वहीं, वैष्णो देवी धाम पर जमकर स्नोफॉल हुआ।
हालांकि लगातार हिमपात के साथ तेज हवाओं ने कुछ परेशानी भी बढ़ाई। कई स्थानों पर लोग फंस गए। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। भारी हिमपात के बाद पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी के बाद प्रशासन को सतर्क पर रखा गया है। जम्मू संभाग के कुछ जिलों में शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे।
वैष्णो देवी भवन पर हुआ स्नोफॉल
कश्मीर में सभी क्षेत्रों और जम्मू के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉपऔर श्री माता वैष्णो देवी के भवन पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर ने मां के भवन का आलौकिक शृंगार कर दिया है, हालांकि सुबह सात घंटे तक यात्रा स्थगित करने के बाद रात को फिर साढ़े सात बजे बारिश होने पर यात्रा को रोक दिया।
बर्फबारी से कश्मीर का सड़क व हवाई संपर्क देश से कटा रहा। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, पुंछ के रास्ते कश्मीर को जोड़ने वाला मुगल रोड भी बंद है। श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद रहीं। रेल सेवा लगभग सुचारु रही। पुंछ के मेंढर में बर्फबारी में फंसे 30, ऊधमपुर जिले के बसंतगढ़ से 12 व रामबन के गूल में तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक कर हालात की समीक्षा की।
26 जनवरी को भी बर्फबारी का अलर्ट
वहीं, मौसम विभाग ने 26 व 27 जनवरी को भी वर्षा व हिमपात की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण गुरुवार शाम से ही मौसम करवट लेने लगा था और शुक्रवार सुबह कश्मीर में लोगों ने जब अपने घरों की खिड़कियां खोलीं तो आंगन में सफेद बर्फ की चादर बिछी थी।
कश्मीर में गुलमर्ग, युसमर्ग, सोनमर्ग समेत उच्च पर्वतीय इलाकों में तीन से पांच फीट बर्फ गिरी है, जिसका पर्यटकों ने खूब आनंद लिया। शोपियां में पीर पंजाल के साथ सटे इलाकों में पांच फुट बर्फ जमा हुई है। कुपवाड़ा के करनाह, टिटवाल में वर्ष 2005 के बाद पहला हिमपात है। सभी उच्चपर्वतीय इलाकों में देर शाम तक हिमपात जारी रहा। इधर, जम्मू, कठुआ, सांबा, अखनूर, रामबन, रियासी और ऊधमपुर में गुरुवार रात से लगातार वर्षा से कुछ स्थानों पर जलभराव हो गया।
यह भी पढ़ें- शिमला-मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी, हजारों पर्यटक फंसे; दिल्ली-यूपी में बारिश से बढ़ी ठिठुरन |