LHC0088 • 4 hour(s) ago • views 826
भाई वीरेंद्र के बयान से सियासत गरम
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के भीतर उठती असंतोष की आवाज अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र के एक बयान ने न सिर्फ RJD की अंदरूनी राजनीति को उजागर किया है, बल्कि सत्ताधारी भाजपा को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है।
टिकट बंटवारे पर खुली नाराजगी
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी के टिकट वितरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय और मजबूत नेताओं को नजरअंदाज कर दूसरे जिलों से आए लोगों को उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के फैसलों से पार्टी को नुकसान हुआ और विधानसभा में अपेक्षित प्रभाव नहीं बन पाया।
दिनारा सीट बना विवाद की जड़
भाई वीरेंद्र ने विशेष रूप से दिनारा विधानसभा सीट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वे और विजय मंडल एक साथ विधायक रह चुके हैं। जब अंततः यादव समाज के उम्मीदवार को ही टिकट देना था, तो सिटिंग विधायक विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया, यह समझ से परे है।
\“विजय मंडल में क्या कमी थी?\“
उन्होंने सवाल किया कि विजय मंडल में ऐसी कौन-सी कमी थी, जिसकी वजह से उनका टिकट काट दिया गया। भाई वीरेंद्र ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पार्टी के भीतर विजय मंडल का टिकट बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
\“नाम के समाजवादी\“ नेताओं पर तंज
भाई वीरेंद्र ने पार्टी के भीतर मौजूद कुछ नेताओं पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि RJD में कुछ लोग सिर्फ नाम के समाजवादी हैं, जो एक साथ दो–तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं। ऐसे लोगों की सिफारिश पर टिकट मिलता रहा तो पार्टी की हालत नहीं सुधर सकती।
हार की वजह संगठन को बताया
राजद विधायक ने चुनावी हार का ठीकरा पार्टी संगठन और टिकट वितरण की रणनीति पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि कई समर्पित कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिला, जबकि कुछ नेताओं को दूसरी जगहों की जिम्मेदारी दे दी गई, जिससे जमीनी संतुलन बिगड़ गया।
पुराने जख्म फिर हुए ताजा
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के वक्त भी टिकट नहीं मिलने को लेकर राजद में नाराजगी सामने आई थी। ऋतु जायसवाल निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गई थीं, जबकि मदन शाह राबड़ी आवास के बाहर कुर्ता फाड़कर रोते नजर आए थे।
भाजपा ने तेजस्वी को घेरा
भाई वीरेंद्र के बयान पर भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजद के अपने विधायक ही अब टिकट वितरण प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को इस पर जवाब देना चाहिए।
ईवीएम से संगठन तक सवाल
नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि उनकी ही पार्टी के विधायक अब टिकट बंटवारे को हार की वजह बता रहे हैं। यह RJD की अंदरूनी कलह को साफ दिखाता है।
वीडियो से बढ़ी सियासी हलचल
भाई वीरेंद्र का यह बयान एक वीडियो के जरिए सामने आया है, जो पटना का बताया जा रहा है। वीडियो में वे पार्टी नेतृत्व के फैसलों पर खुलकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
तेजस्वी की चुनौती बढ़ी
परिवार के भीतर बयानबाजी और अब वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी, तेजस्वी यादव के लिए चुनौतियां लगातार बढ़ती दिख रही हैं। सवाल यह है कि क्या RJD नेतृत्व इन आवाजों को गंभीरता से सुनेगा या असंतोष और गहराएगा।
अंदरूनी कलह या आत्ममंथन का मौका?
भाई वीरेंद्र का बयान RJD के लिए चेतावनी भी है और मौका भी। चेतावनी इसलिए कि संगठन की दरारें खुलकर सामने आ रही हैं, और मौका इसलिए कि पार्टी आत्ममंथन कर अपनी रणनीति सुधार सकती है। |
|