LHC0088 • 1 hour(s) ago • views 537
नामपल्ली इलाके में स्थित चार मंजिला फर्नीचर की दुकान में शनिवार रात भीषण आग लग गई थी। आग लगने की वजह से मकान में 6 लोग फंस गए थे। अब पांचों लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने के बाद पांचों लोगों के शव बरामद किए जा सके। अधिकारियों ने बताया कि हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में एक फर्नीचर की दुकान की इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे और एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं।
इमारत में लगी थी भीषण आग
यह आग शनिवार को चार मंजिला इमारत में लगी थी। आग लगते ही बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस के अनुसार, पांच शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल में भेजा गया। इसके बाद बेसमेंट से एक और शव बरामद किया गया। मृतकों की पहचान बेबी (45), अखिल (11), प्रणीत (8), इम्तियाज (28) और हबीब (32) के रूप में हुई है। हबीब फर्नीचर की दुकान में ड्राइवर के तौर पर काम करता था। बेसमेंट से मिले एक अन्य पुरुष शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
संबंधित खबरें [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/veteran-journalist-and-chronicler-of-india-mark-tully-dies-in-new-delhi-article-2350004.html]Mark Tully: मशहूर पत्रकार और लेखक मार्क टली का निधन, 90 साल के उम्र में ली अंतिम सांस अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 5:28 PM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/an-11-year-old-boy-died-after-falling-into-an-open-drain-in-ghaziabad-captured-on-cctv-and-people-were-outraged-article-2350001.html]गाजियाबाद में खुले नाले में गिरने से 11 साल के लड़के की मौत, CCTV कैमरे में कैद हुई घटना, खराब व्यवस्था पर लोग भड़के अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 5:27 PM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/greater-noida-grand-venice-project-remains-incomplete-after-15-years-no-stairs-no-lift-no-toilet-supreme-court-committee-reports-article-2349957.html]न सीढ़ी, न लिफ्ट, न टॉयलेट... 15 साल बाद भी अधूरा ग्रेटर नोएडा का ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट! सुप्रीम कोर्ट की समिति ने बताया अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 4:18 PM
दम घुटने से हुई पीड़ितों की मौत
एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि पीड़ितों की मौत दम घुटने से हुई है। हालांकि, मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इमारत के बेसमेंट में लगी थी। वहां बड़ी मात्रा में फर्नीचर, रेक्सिन का सामान और कुछ केमिकल अवैध तरीके से रखे गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक ने बेसमेंट और तहखाने को, जो सिर्फ पार्किंग के लिए बने थे, स्टोर रूम में बदल दिया था। इससे सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ।
सामने आई ये बड़ी जानकारी
तेलंगाना अग्निशमन, आपदा प्रतिक्रिया, आपातकालीन और नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक विक्रम सिंह मान ने बताया कि इमारत के दोनों बेसमेंट में फर्नीचर, कच्चा माल, केमिकल, प्लास्टिक, गद्दे और फोम रखा हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि बेसमेंट में एक सुरक्षा गार्ड और उसके परिवार को सामान की निगरानी के लिए रहने दिया गया था। इसी वजह से इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई।
अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट की ओर जाने वाला रैंप वहां रखे भारी सामान से पूरी तरह भरा हुआ था। इसकी वजह से बचाव कर्मियों को अंदर पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। ऊपर से इमारत से निकलता घना धुआं भी राहत और बचाव कार्य में बड़ी बाधा बना। पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी समेत कई एजेंसियों ने मिलकर करीब 22 घंटे तक बचाव अभियान चलाया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला गया और पूरी इमारत को खाली कराया गया। |
|