जागरण संवाददाता, कानपुर। कोडीनयुक्त सीरप और नशीली दवाएं बेचने के आरोपित 50 हजार के इनामी विनोद अग्रवाल को क्राइम ब्रांच और कलक्टरगंज थाना पुलिस ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है।
उस पर उत्तर प्रदेश, हिमाचल समेत 12 राज्यों में 65 से ज्यादा फर्जी फर्में बनाकर बिक्री करने का आरोप है। क्राइम ब्रांच विनोद अग्रवाल के बेटे समेत अन्य आरोपितों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।
औषधि लाइसेंस की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाएं खरीदने और बेचने वाली फर्मों के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने दो माह के भीतर कलक्टरगंज थाने में चार, रायपुरवा, कल्याणपुर, हनुमंत विहार थाने में एक-एक मुकदमे कराए थे।
इसमें अग्रवाल ब्रदर्स के संचालक फीलखाना के पटकापुर में रहने वाले विनोद अग्रवाल, उनका बेटा शिवम अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा व वेदप्रकाश शिवहरे, सुमित केसरवानी आरोपित हैं।
प्रकरण की जांच एसआइटी कर रही है। हालांकि पहले थानों से भी विवेचना की जा रही थी, जिसे एक सप्ताह पहले क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपितों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, हिमाचल, ओडिशा, असम, मिजोरम राज्यों के जिलों में 200 से अधिक फर्में बनाकर लगभग 12 लाख शीशियां कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाओं की बिक्री होना दिखाया था। कलक्टरगंज थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि आरोपित विनोद अग्रवाल की अग्रवाल ब्रदर्स से जुड़ी लगभग 65 फर्में फर्जी बताई जा रही हैं। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि विनोद अग्रवाल पर औषधियों के अवैध क्रय-विक्रय व भंडारण करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध औषधियां भेजने और कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप है।
उसे साइबर टीम की मदद से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के दादू की कोठी आजाद चौक से पकड़ा गया है। उसके बेटे समेत अन्य आरोपितों की तलाश में टीम लगी है। |