प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, देवरिया। नवजात को नौ माह तक पेट में पाला। प्रसव के दौरान पता चला कि लड़की है तो उसे झाड़ी में फेंक दिया। उसके बाद अगले दिन वह झाड़ी में मृत पाई गई। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले आई, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नवजात बच्ची के शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक नवजात बच्ची एक दिन की है। उसकी मां ने पूरे नौ माह पेट में रखने के बाद प्रसव के एक दिन बाद उसे झाड़ी में फेंका गया है। संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि किसी महिला को कई लड़कियां होंगी। पुत्र की चाहत में गर्भ में नौ माह तक पाला और अगली संतान लड़की होने पर ऐसा कदम उठाया होगा।
ठंड में नवजात को फेंकने की वजह से उसकी मृत्यु हुई है। पोस्टमार्टम में बच्ची के सिर में पीछे झाड़ी में फेंकने के चलते चोट के निशान मिले। काफी खाेजबीन करने के बाद भी नवजात के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस इसके बारे में जानकारी करने में जुटी है। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह कृत्य किसने किया है।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि संत विनोबा पीजी कॉलेज के समीप झाड़ी से एक, एक दिन की नवजात बच्ची बरामद हुई थी। आज उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जन्म के बाद नवजात को फेंका गया है। जांच की जा रही है।
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