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सिर्फ 26 जनवरी तक सीमित नहीं है गणतंत्र दिवस का जश्न, जानिए क्यों खास है 29 जनवरी की तारीख?

Chikheang 3 hour(s) ago views 84
  

गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी नहीं, इस दिन होता है उत्सव का असली समापन (Image Source: X)  



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी जानते हैं कि भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस (Republic Day) बहुत धूमधाम से मनाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणतंत्र दिवस का उत्सव सिर्फ 26 तारीख तक ही सीमित नहीं है?

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह जश्न 26 जनवरी को खत्म नहीं होता, बल्कि इसका आधिकारिक समापन तीन दिन बाद, यानी 29 जनवरी को होता है। आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण और महत्व।


#WATCH | Indian Navy\“s tableau, based on the theme \“Anchored in Tradition, Sailing into Self-Reliance and Innovation\“ participates in #RepublicDay2026 parade at Kartavya Path. The tableau also showcases INS Vikrant.

(Video: DD) pic.twitter.com/KLHQmqLIFP — ANI (@ANI) January 26, 2026

26 जनवरी का महत्व

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था, लेकिन 26 जनवरी 1950 को यह एक पूर्ण संप्रभु और लोकतांत्रिक गणतंत्र (Fully Sovereign, Democratic Republic) बना। इसी दिन देश का संविधान लागू हुआ था, जिसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था। संविधान के लागू होने के साथ ही देश को कानून और शासन की अपनी प्रणाली मिली।

यही कारण है कि 26 जनवरी का दिन प्रतीकात्मक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है, और इस दिन मुख्य परेड का आयोजन किया जाता है।
बीटिंग रिट्रीट समारोह

गणतंत्र दिवस के उत्सव का औपचारिक समापन \“बीटिंग रिट्रीट\“ समारोह के साथ होता है। यह समारोह हर साल 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता है।

  • यह समारोह भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • इसमें भारत के राष्ट्रपति शामिल होते हैं, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी हैं।
  • भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों के बैंड इस दौरान देशभक्ति की धुनें बजाते हैं।


  

(Image Source: X)
समारोह का आधिकारिक समापन

रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट \“राष्ट्रपर्व\“ पर स्पष्ट रूप से बताया गया है कि बीटिंग रिट्रीट समारोह ही “भारत में गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है।“

समारोह के अंत में राष्ट्रीय ध्वज को नीचे उतारा जाता है और राष्ट्रगान होता है, जो कि इस बात का संकेत होता है कि गणतंत्र दिवस का उत्सव अब अगले साल तक के लिए औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।
क्यों मायने रखता है 29 जनवरी?

भले ही 26 जनवरी का दिन मुख्य उत्सव का दिन हो, लेकिन 29 जनवरी गणतंत्र दिवस की अवधि के समारोहिक समापन को दर्शाता है। यह दिन सैन्य परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव को एक साथ लाता है और आधिकारिक तौर पर उत्सव को विराम देता है।

Sources:

  • National Portal of India
  • Rashtraparv
  • Press Information Bureau


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