राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। Delhi Metro Parking : दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी ) को नए बन रहे अधिक से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि डीएमआरसी यह कोशिश करे कि ज्यादा से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों पर एक पार्किंग हो अगर स्थान की कमी है तो छोटी ही पार्किंग विकसित की जाए। जिससे यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके। अभी तक डीएमआरसी ने उन मेट्रो स्टेशन पर ही पार्किंग विकसित की है जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कुछ समय पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी ) के साथ बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कई अन्य फैसले भी लिए गए हैं। जिसमें मेट्रो स्टेशनों के नाम दिल्ली सरकार की स्टेशन नेमिंग अथॉरिटी (एसएनए) तय करेगी।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो स्टेशनों के नाम स्टेशन नामकरण प्राधिकरण (एसएनए ) द्वारा अंतिम रूप दिए जाएंगे। साथ ही, भविष्य की परियोजनाओं के लिए डीएमआरसी डीपीआर में मेट्रो स्टेशनों के लिए अस्थायी नाम शामिल कर सकती है, लेकिन नामों को अंतिम रूप देने का काम एसएनए के जरिए ही किया जाएगा।
नए सिरे से बनेगी योजना
इसके अलावा जिन मेट्रो स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन वे अभी तक चालू नहीं हुए हैं, उनकी सूची जल्द से जल्द दिल्ली सरकार के एसएनए को समीक्षा और नामों को अंतिम रूप देने के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध मौजूदा पार्किंग सुविधाओं की समीक्षा, मूल्यांकन और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार नए सिरे से योजना बनाई जानी है।
डीएमआरसी को अधिक से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों में सहायता के लिए डीएमआरसी सभी आगामी मेट्रो स्टेशनों के चारों ओर धूल-मिट्टी को नियंत्रित करने के लिए मिस्ट स्प्रे सुविधा स्थापित करेगी। डीएमआरसी सभी निर्माणाधीन स्थलों पर भी धूल उत्सर्जन को रोकने के लिए मिस्ट स्प्रे सुविधा लगाएगी।
बता दें कि दिल्ली मेट्रो को केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की भागीदारी से चलाया जा रहा है। यह पारंपरिक रूप से स्टेशनों का नाम लोकल जगहों या इलाकों के नाम पर रखती आई है, लेकिन हाल के वर्षों में सरकार को जन प्रतिनिधियों और निवासियों से नाम बदलने के लिए बार-बार आवेदन मिल रहे हैं। |
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