चार फुट बर्फ में वफादारी की मिसाल, तीन दिन तक मालिक के शव का पहरा देता रहा पालतू कुत्ता।
सुरेश ठाकुर, चंबा। हिमाचल के चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर मार्ग पर लापता हुए दो युवकों का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान पीयूष कुमार (13) पुत्र विक्रमजीत, निवासी गांव घरेड़ और विकसित राणा (19) निवासी गांव मलकौता, के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार दोनों 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर के दर्शन व वीडियो शूटिंग के उद्देश्य से घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने तलाश शुरू की और प्रशासन को सूचना दी गई। लगातार बर्फबारी, दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बावजूद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया। प्रशासन ने युवकों के शव को बरामद कर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।
सामने आया हैरान करने वाला दृश्य
बर्फ से ढकी पहाड़ियों, सन्नाटे और मौत की ठिठुरन के बीच अगर किसी ने इंसानियत को सबसे ज्यादा जिंदा रखा, तो वह एक बेज़ुबान पालतू कुत्ता था। भरमौर उपमंडल के मलकोता क्षेत्र में 22 जनवरी से लापता युवकों की तलाश के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने खोज व बचाव दल से लेकर पूरे इलाके को भीतर तक झकझोर दिया।
चार फुट मोटी बर्फ की चादर में दबे एक किशोर के शव के पास, तीन दिनों से डटा हुआ उसका पालतू कुत्ता न भूखा-प्यासा पीछे हटा, न ही अपने मालिक को अकेला छोड़ा। यह दर्दनाक कहानी है पीयूष (14) पुत्र विक्रमजीत, निवासी गांव घरेड की। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर किशोर और उसके साथी रात में रुके थे, वहीं भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड ने हालात को जानलेवा बना दिया।
शव के पास पहरा दे रहा था कुत्ता
खोज अभियान के दौरान जब सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से स्थानीय लोग और एनडीआरएफ के जवान उस दुर्गम स्थान पर उतरे, तो उन्होंने देखा कि शव के बिल्कुल पास एक कुत्ता पहरा दे रहा है, मानो अपने मालिक की आखिरी सांस तक की जिम्मेदारी उसी ने उठा रखी हो।
टीम जब शव के पास पहुंची, तो कुत्ते ने किसी को पास नहीं आने दिया। राहतकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई कोशिशों के बाद, बड़े संयम और सावधानी से कुत्ते को कुछ दूरी पर ले जाकर शव को अपने कब्जे में लिया गया। यह पल देख हर आंख नम थी। कई अनुभवी जवान भी भावुक हो उठे।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां, बर्फबारी और खराब मौसम अभियान में चुनौती बने हुए हैं, फिर भी टीमें समन्वय के साथ जुटी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया कि पहाड़ों में कुदरत के सामने इंसान कितना बेबस है और यह भी कि वफादारी की सबसे ऊंची मिसाल कभी-कभी एक बेज़ुबान दे जाता है, जो अपने मालिक के लिए मौत और बर्फ दोनों से लड़ता रहा।
मलकोता क्षेत्र में लापता युवकों की तलाश के दौरान प्रशासन द्वारा निरंतर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। दुर्गम परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के बीच दोनों युवकों का शव बरामद हो गया है, किशोर के पास पालतू कुत्ता भी मौजूद था। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों के सहयोग से अभियान जारी है। -विकास शर्मा, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), भरमौर |