बिजली बाजार से जुड़े सबसे अहम रेगुलेटरी मामलों में शामिल IEX बनाम CERC केस में फिलहाल कोई अंतिम नतीजा नहीं निकला है. APTEL में हुई सुनवाई के दौरान CERC के वकील ने जरूर 23 जुलाई 2025 के आदेश को लेकर अहम संकेत दिए, लेकिन कोर्ट की तरफ से अभी कोई फाइनल ऑर्डर नहीं आया है. अब इस पूरे मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई है, जिससे निवेशकों और पावर सेक्टर की नजरें अगली सुनवाई पर टिक गई हैं.
शेयर बाजार का तुरंत रिएक्शन
इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार में देखने को मिला. जैसे ही CERC के वकील की दलील सामने आई, IEX के शेयरों में खरीदारी तेज हो गई. शेयर पहले 10% चढ़कर ₹147.81 के स्तर पर सर्किट पर लॉक हो गया. इसके बाद सर्किट खुला और शेयर 14 फीसदी चढ़कर 150 के पार पहुंच गया. बाजार के जानकार मानते हैं कि निवेशकों ने इसे IEX के लिए पॉजिटिव संकेत के तौर पर लिया, क्योंकि आदेश वापस लेने की संभावना से कंपनी के बिजनेस पर मंडरा रहा नियामकीय जोखिम कुछ हद तक कम होता दिख रहा है.
निवेशकों के लिए मामला क्यों अहम?
IEX भारत का सबसे बड़ा बिजली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है और इसकी कमाई का बड़ा हिस्सा डे-अहेड और रियल-टाइम मार्केट से आता है. किसी भी तरह का रेगुलेटरी बदलाव सीधे इसके रेवेन्यू और मार्जिन पर असर डाल सकता है. यही वजह है कि IEX बनाम CERC का यह केस निवेशकों के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.
अगर 23 जुलाई का आदेश वापस लिया जाता है, तो यह IEX के मौजूदा बिजनेस मॉडल के लिए बड़ी राहत होगी. वहीं अगर CERC अपने रुख पर कायम रहता है, तो कंपनी को आगे भी कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
Indian Energy Exchange यानी IEX और Central Electricity Regulatory Commission यानी CERC के बीच चल रहे मामले में मंगलवार को Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) में सुनवाई के दौरान अहम मोड़ आया.
APTEL में CERC की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि 23 जुलाई को जारी किया गया आदेश वापस लिया जा सकता है.
यह बयान अपने आप में काफी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि इसी आदेश को लेकर IEX ने आपत्ति जताई थी और मामला APTEL तक पहुंचा था.
23 जुलाई के आदेश पर सवाल
CERC के 23 जुलाई के आदेश को लेकर बाजार और इंडस्ट्री में पहले से ही चर्चा थी. माना जा रहा था कि इस आदेश से IEX के बिजनेस मॉडल और बिजली ट्रेडिंग के स्ट्रक्चर पर असर पड़ सकता है.

ऐसे में जब APTEL में यह संकेत मिला कि उस आदेश को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है, तो निवेशकों को बड़ी राहत मिली.
हालांकि, यह साफ कर दिया गया है कि अभी तक कोर्ट की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है. APTEL में मामले की सुनवाई अब शुक्रवार यानी 9 जनवरी को होगी . यानी फिलहाल यह सिर्फ दलील और संभावित रुख है, न कि कोई फाइनल जजमेंट.
आगे क्या देखना जरूरी है?
अब बाजार की नजर पूरी तरह APTEL की अगली सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी है.क्या CERC औपचारिक रूप से आदेश वापस लेगा?APTEL इस दलील को किस तरह देखता है?क्या IEX को लंबे समय के लिए रेगुलेटरी राहत मिल पाएगी?इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में IEX के शेयर की दिशा तय कर सकते हैं.
आम निवेशक क्या समझें? |