search

‘पीड़ितों की आवाज खामोश कर रही है मोदी सरकार’ BBC Documentary को बैन किए जाने के खिलाफ 500 वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने खोला मोर्चा

deltin55 2026-2-2 10:29:57 views 79

BBC Documentary on Modi: 500 से अधिक भारतीय वैज्ञानिकों (Indian Scientists) और शिक्षाविदों (Indian Academics) के एक समूह ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ की ‘सेंसरशिप’ पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सरकार के फैसले को भारतीयों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।




साझा बयान में कहा गया है कि “भारत सरकार ने सोशल मीडिया से डॉक्यूमेंट्री को इस बहाने हटा दिया है कि यह भारत की संप्रभुता और अखंडता को कम कर रहा है। लेकिन यह सही नहीं है।”







पिछले दिनों देश के कई विश्वविद्यालयों में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को दिखाना से रोका गया। वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह का कदम “अकादमिक स्वतंत्रता” के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। विश्वविद्यालयों में कुछ विचारों की अभिव्यक्ति को केवल इसलिए रोकना अस्वीकार्य है क्योंकि वे सरकार के आलोचक हैं। लोकतांत्रिक समाज में ऐसी चर्चाएं महत्वपूर्ण हैं।






बयान में कहा गया है कि डॉक्यूमेंट्री ने मौलिक रूप से कोई नया मुद्दा नहीं उठाया है। 2002 में हीमानवाधिकार आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंच गया था कि गुजरात के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में स्टेट असफल रहा था। इसी तरह के निष्कर्ष पर पिछले 20 वर्षों में कई विद्वान, फिल्म निर्माता और मानवाधिकार कार्यकर्ता पहुंचे हैं।”






बयान में आगे कहा गया है, “इसके बावजूद जिन लोगों ने 2002 के गुजरात हिंसा को प्रोत्साहित किया, उन्हें कभी भी जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। यह जवाबदेही महत्वपूर्ण है, न केवल ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए बल्कि उस सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को उलटने के लिए भी जो आज देश को तोड़ने की धमकी दे रहा है। इसलिए बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में उठाए गए सवाल अहम हैं। फिल्म पर प्रतिबंध लगाने से इस हिंसा के पीड़ितों की आवाज और भी खामोश हो जाएगी।”







like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin55

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

12

Posts

1510K

Credits

administrator

Credits
154068