पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर सीबीआई, पुलिस या नारकोटिक्स विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं कि उनके नाम से कोई अवैध पार्सल पकड़ा गया है या उनके परिजन किसी अपराध में संलिप्त हैं।
इस दौरान पीड़ित को वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती है। नागरिकों को सलाह दी गई कि यदि उन्हें ऐसी कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो वे घबराएं नहीं, तुरंत कॉल काट दें और इसकी सूचना 1930 पर दें।

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