मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करतीं भोजनमाताएं, आंगनबाड़ी, किसान सभा व आशा कार्यकत्रियां। जागरण
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले भोजनमाताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, किसान सभा और आशा कार्यकत्रियों ने गोपेश्वर पोस्ट आफिस के निकट से बाजार होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल जुलूस निकाला।
इस प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
नगर में आयोजित इस आक्रोश रैली में विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया।
ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए श्रम विरोधी चार श्रम संहिताओं और श्रम शक्ति नीति 2025 को निरस्त किया जाए तथा पूर्व के कानून को बहाल किया जाए। इसके अलावा निजी क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा अधिनियम और शांति अधिनियम को भी निरस्त करने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि भेल सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों और सेवाओं का निजीकरण बंद किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा जारी बिजली संशोधन बिल 2025 और स्मार्ट मीटर योजना को रद करने की मांग की गई है।
किसानों की सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। साथ ही, उद्योगों में कार्यरत कामगारों के लिए महंगाई और आर्थिक बोझ को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई पेंशन न्यूनतम 7500 रुपये प्रतिमाह देने की मांग की गई।
स्थायी प्रकृति के कार्यों पर ठेका मजदूरों का नियोजन प्रतिबंधित करने, योजनाकर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देने और अन्य सुविधाएं देने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष बस्तीलाल, सीटू के प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनमोहन रौतेला, किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, किसान सभा के जिलामंत्री कमलेश गौड़, आंगनबाड़ी जिलाध्यक्ष भारती राणा, विजय डंगवाल, बदरी प्रसाद, जयंती मटियाल, देवेंद्र, नरेंद्र रावत, प्रताप सिंह, हिम्मत सिंह सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
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