search

अगर लीक हुई तो खुद क्यों नहीं बताया? पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब पर पेंगुइन से दिल्ली पुलिस की पूछताछ

LHC0088 1 hour(s) ago views 692
  

दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन रैंडम हाउस से किताब लीक को लेकर किए सवाल। फोटो: आर्काइव



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बृहस्पतिवार को पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस के अधिकारियों से पूछताछ की। अधिकारियों ने कई सवाल पूछे, जिनमें कुछ के उन्होंने जवाब दिए और बाकी सवालों के जवाब देने के लिए समय मांगा है।

जवाब मिलने के बाद पुलिस पता लगाएगी कि किताब छापी गई या नहीं, प्री प्रमोशन के लिए छापी गई तो कितनी काॅपियां छापी गईं। किताब लापरवाही से लीक हुआ अथवा साजिश के तहत लीक किया गया। इसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए रूप रेखा तय करेगी।
राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं तक कैसे पहुंची?

पूर्व जनरल की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी, अगर बिना केंद्र सरकार और आर्मी की अनुमति के प्री पब्लिकेशन प्रमोशन के लिए छापी गई तो वह प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं व लोगों तक कैसे पहुंची? दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल की एक बड़ी टीम इस बात का पता लगाने में दिनरात जुटी हुई हैं।

माना जा रहा है कि प्री पब्लिकेशन के प्रमोशन के लिए पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस ने कुछ किताबें छाप दी हों, जिन्हें एमएम नरवणे या पेंगुइन द्वारा कुछ लोगों को बांट भी दिया गया हो। पुलिस जांच कर रही है कि अगर किताबें छपीं तो कैसे और किन परिस्थितियों में छपी? व कितनी कापियां छापी गईं? उन कापियों को किन-किन लोगों को बांटा गया।
रक्षा मंत्रालय की मंजूरी को बाइपास करने की कोशिश

उन लोगों में किसने वह काॅपी राहुल गांधी या कांग्रेस के अन्य नेताओं को बांटीं। दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि पूर्व जनरल की अप्रकाशित किताब का लीक होना कोई रैंडम नहीं था, बल्कि रक्षा मंत्रालय की मंजूरी को बाइपास करने की कोशिश थी।

इसलिए जांच का दायरा बढ़ाते हुए, स्पेशल सेल ने एफआईआर में आपराधिक साजिश रचने की धारा लगाकर पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर उससे कई सवालों के विस्तार से जवाब देने को कहा है।
कहीं विदेश तो लीक नहीं हुई नरवणे की किताब

पुलिस की जांच यूएस, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में प्री-प्रिंट काॅपी की कथित बिक्री या डिस्ट्रीब्यूशन के आस-पास भी घूम रही है। हो सकता है ये विदेश से ही लीक हुए हों और बाद में वे कई दूसरे होस्टिंग प्लेटफाॅर्म पर पहुंच गई हो।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि पब्लिशर से पूछा गया है कि एक्स पर उनका बयान केस दर्ज होने के बाद ही क्यों आया, लीक होने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया?
ई-कॉमर्स वेबसाइट भी हैं जांच के दायरे में

जब पूर्व जनरल को उनकी किताब को छपवाने की अनुमति नहीं दी गई थी तब उन्होंने पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस को प्री प्रमोशन के लिए किताबें क्यों छपवाईं? माना जा रहा है कि पूर्व जनरल द्वारा प्री प्रमोशन के लिए फ्लिपकार्ट व अमेजन को भी कुछ काॅपियां भेजी गई हों, इसलिए पुलिस के जांच के दायरे में ये शाॅपिंग साइट भी हैं।

पुलिस को शक है कि इन दाेनों शाॅपिंग साइट से भी किताब की बातें लीक हुई हों। अगर पेंगुइन रैंडम हाउस ने बिना पूर्व जनरल की अनुमति के प्री प्रमोशन के लिए किताबें छाप दी और उनकी काॅपियां भी बांट दीं, तब इसे पुलिस ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन मानेगी।

यह भी पढ़ें- जनरल नरवणे की किताब पर छिड़ी जंग, संसद से सोशल तक घमासान; राहुल गांधी के उठाए मुद्दों पर प्रकाशक की चेतावनी
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
158648