नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन अवध प्रांत और गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत हो गई है। यह स्वास्थ्य मेले भारत-नेपाल सीमा से सटे जनजातीय बहुल इलाकों में प्रदेश के सात जिलों में एक साथ शुरू हुए हैं। बहराइच के बाबागंज क्षेत्र में लगभग 16 शिविर आयोजित किए गए।

इन शिविरों में स्थानीय और बाहरी मिलाकर लगभग 56 चिकित्सकों ने भाग लिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद और सेवा भारती जैसे विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
चिकित्सकों ने स्थानीय रहन-सहन और संस्कृति को समझने के लिए रात्रि विश्राम स्थानीय व्यक्तियों के घरों पर ही किया।
चिकित्सकों के दल ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं और ग्रामीणों को संतुलित भोजन तथा माहवारी स्वच्छता जैसे विभिन्न विषयों पर जागरूक किया। स्थानीय लोगों ने इन शिविरों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4860 से अधिक लोगों ने इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा का लाभ उठाया, जिनमें 2540 महिलाएं शामिल थीं। गांव में पहुंचे चिकित्सकों के लिए भी यह एक नया और अनूठा अनुभव रहा।
इस यात्रा के तहत 8 फरवरी को किसान पीजी कॉलेज, बहराइच में एक विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा पिछले छह वर्षों से लगातार चल रही है और नए आयामों को प्राप्त कर रही है। जमुदान, रामनगर, गुलरिया, बेलवाभारी, इटहवा धनकुट्टी, फूलटेकरा, रामपुर, गंगापुर, खुशलीगांव, जैतापुर, साहिजना, संकल्पा और महीपुरवा बग़ौरसमय जैसे गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
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